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Ceremony honoring 'Democracy Fighters': CM Sai says it is essential to convey the history of the Emergency to the new generation.
रायपुर। लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी ने आपातकाल के दौर और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुए संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया। राजधानी के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में आपातकाल ऐसा अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र सेनानियों का त्याग और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका 'आपातकाल के योद्धा' का विमोचन किया। साथ ही राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित कर उन्हें स्मृति चिन्ह और प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन का मूल मूल्य है। उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र की सबसे कठिन परीक्षा थी, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर असर पड़ा। लोकतंत्र सेनानियों ने जेल की यातनाएं सहकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाने, सामाजिक समरसता को मजबूत करने तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वर्ष 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान में किए गए संशोधनों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि यह दौर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हमेशा सजग रहने की सीख देता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में आपातकाल से जुड़ा पारिवारिक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि साय 19 महीने तक जेल में रहे। उस समय परिवारों के सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया था। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों तक अनाज पहुंचाते थे ताकि कोई परिवार भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लोकतांत्रिक संघर्षों की साक्षी रही है और नई पीढ़ी को इस इतिहास से परिचित कराना बेहद आवश्यक है।
राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में 540 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यालय वर्ग में रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम, कोरबा के सूरज तांडिया ने द्वितीय और दुर्ग के अंश देशमुख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महाविद्यालय वर्ग में रायपुर की कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय और दुर्ग की खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं।
समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साह, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, लोकतंत्र सेनानी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।