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Major financial revelation at CGMSC: Negligence by officials causes annual losses exceeding ₹30 crore; audit uncovers several serious irregularities.
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। जिन रकमों को बचत खाते (सेविंग अकाउंट) में रखा जाना था, उन्हें बिना किसी ठोस कारण के चालू खाते (करेंट अकाउंट) में जमा रखा गया, जिससे ब्याज का बड़ा नुकसान हुआ।
मार्च 2025 तक सीजीएमएससी के 42 अलग-अलग बैंकों के करेंट खातों में कुल 979.09 करोड़ रुपये जमा थे। ऑडिट में बताया गया कि इन खातों को करेंट अकाउंट में रखने का कोई वैध कारण रिकॉर्ड में दर्ज नहीं था। यदि यही राशि सेविंग अकाउंट में रखी जाती, जहां 2.9 से 3 प्रतिशत तक वार्षिक ब्याज मिलता है, तो निगम को हर साल लगभग 30.16 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होता। इसका उपयोग दवाइयों की खरीद और अस्पतालों की सुविधाएं बेहतर बनाने में किया जा सकता था।
ऑडिट रिपोर्ट में एक और गंभीर अनियमितता सामने आई है। वर्ष 2021 से 2025 के बीच जिन मदों में बजट आवंटित ही नहीं हुआ था, वहां भी खरीदारी कर 25.02 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार कई बैंक खातों में संबंधित मद के लिए शून्य बजट आवंटन था, फिर भी उपकरणों और दवाइयों की खरीदी के बाद करोड़ों रुपये जारी कर दिए गए।
राज्य शासन पहले ही सभी स्वशासी संस्थाओं को आंतरिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने के निर्देश दे चुका है। वित्त विभाग ने भी स्पष्ट आदेश जारी किए थे कि सभी करेंट खातों को सेविंग खातों में परिवर्तित किया जाए, ताकि वित्तीय अनुशासन बना रहे और सरकारी धन का बेहतर उपयोग हो सके। इसके बावजूद सीजीएमएससी ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया।
सीजीएमएससी प्रबंधन ने स्वीकार किया है कि ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट में उठाई गई सभी आपत्तियों का परीक्षण कर संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक जवाब प्रस्तुत किया जाएगा।