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Chhattisgarh: BSP scrap theft; iron worth ₹17.87 crore vanished in six months.
भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के बहुचर्चित मामले में पुलिस की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि अगले एक सप्ताह के भीतर उस प्रभावशाली आरोपी का नाम भी सामने आ सकता है, जिसके राजनीतिक रसूख के चलते मुख्य आरोपी संजय सिंह की खंडेलवाल ग्रुप में एंट्री हुई थी। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिनके आधार पर पुलिस पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने में जुटी है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि पिछले छह महीनों के दौरान बीएसपी से तीन हजार टन से अधिक लौह स्क्रैप चोरी कर बाहर निकाला गया। इस इनपुट के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए संदिग्ध वाहनों की आवाजाही का विश्लेषण किया और यह पता लगाने की कोशिश की कि रात के समय कितनी बार वाहन प्लांट से बाहर निकले।
एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर 26 मई को भिलाई-3 थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने ग्राम अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स के गोदाम में छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान ट्रक, हाइवा, चेन माउंटेन मशीन, बैकहो लोडर समेत भारी मशीनरी और 250 टन बीएसपी का लौह स्टैंप जब्त किया गया था।
इसके बाद पुलिस ने ट्रांसपोर्टर संजय सिंह और आकाश सिंह सहित 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। संजय सिंह की कथित अवैध कमाई से खरीदी गई करीब 3 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और 50 लाख रुपये के आभूषण भी जब्त कर राजसात किए जा चुके हैं।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि बीएसपी परिसर में लौह स्क्रैप चोरी करने वाले करीब छह संगठित गिरोह सक्रिय हैं। इसके बावजूद ट्रांसपोर्टर यूनियन और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जाता है कि यूनियन बिना एंट्री शुल्क लिए वाहनों को प्लांट में प्रवेश नहीं देती और प्रति ट्रिप 850 रुपये वसूले जाते हैं। ऐसे में लगातार हो रही चोरी पर यूनियन और सुरक्षा एजेंसी की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
बीएसपी के विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान बाजार में लौह स्क्रैप की कीमत 55 से 65 हजार रुपये प्रति टन है। इस हिसाब से करीब 3,250 टन स्क्रैप की अनुमानित कीमत 17 करोड़ 87 लाख 50 हजार रुपये बैठती है। यदि जांच में यह आंकड़ा सही साबित होता है तो यह बीएसपी की सबसे बड़ी स्क्रैप चोरी में से एक मानी जाएगी।
पुलिस ने हिमांशु ब्रदर्स के ऑपरेटर निर्मल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि संचालक हिमांशु खंडेलवाल अब भी फरार है। पूछताछ में निर्मल सिंह ने बताया कि हिमांशु ब्रदर्स को बीएसपी के ब्लास्ट फर्नेस-8 से फ्लू डस्ट को मगडम तक पहुंचाने का ठेका मिला था, जबकि आरडीके इंडस्ट्री की प्रोपराइटर पूजा खंडेलवाल के पति गिरीश खंडेलवाल को वहां से फ्लू डस्ट बाहर निकालने का टेंडर मिला हुआ था।
आरोप है कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से सप्ताह में तीन दिन, रात की शिफ्ट के दौरान दो-दो गाड़ियों के माध्यम से लौह स्क्रैप चोरी कर प्लांट से बाहर निकाला जाता था।
एएसपी (शहर) सुखनंदन राठौर ने बताया कि 250 टन लौह स्क्रैप चोरी मामले में विशेष टीम लगातार साक्ष्य जुटा रही है। जांच के दौरान मिली नई जानकारियों के आधार पर अगले सप्ताह के भीतर और आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए चोरी के पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने में जुटी है।