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Chhattisgarh: 40 people suffer food poisoning after a wedding feast, complaining of vomiting, diarrhea and stomach pain, admitted to hospital
बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव में एक शादी समारोह के दौरान आयोजित सामूहिक भोज के बाद लगभग 40 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने से गांव में हड़कंप मच गया। बीमारों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। सभी को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
सुबह बना भोजन शाम को परोसा गया
जानकारी के अनुसार मुकुंदपुर गांव निवासी मंगलू राम पैकरा के घर में शादी का कार्यक्रम था। इस अवसर पर गांव में सामूहिक भोज रखा गया था, जिसमें गांव के लोगों के साथ-साथ बाहर से आए रिश्तेदार और मेहमान भी शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह तैयार किया गया भोजन शाम को मेहमानों को परोसा गया। भोज के बाद देर शाम कई लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी।
बीमारों की संख्या बढ़ने से गांव में मची अफरा-तफरी
धीरे-धीरे बीमार लोगों की संख्या बढ़ती गई, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को दी। इसके बाद बीमार लोगों को तत्काल मस्तूरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। स्थिति को देखते हुए कुछ मरीजों को पामगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी रेफर किया गया।
मस्तूरी और पामगढ़ स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज जारी
मस्तूरी के बीएमओ डॉ. अनिल कुमार कंवर ने बताया कि बीमार लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाकर उनका इलाज शुरू कर दिया गया है। फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। 25 मरीजों को मस्तूरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, जबकि 15 अन्य मरीजों को पामगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा तीन लोगों को गांव में ही निगरानी में रखा गया है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हो गए। एसडीएम सहित अन्य अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय विधायक ने भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेकर मरीजों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की जांच में जुट गई है, ताकि फूड पॉइजनिंग के कारणों का पता लगाया जा सके।