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Chhattisgarh: A unique wedding took place in Surguja, where the wedding procession arrived with the bride and the groom was bid farewell.
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में इस विवाह सीजन एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बन गई है। परंपरागत रीति-रिवाजों से अलग इस विवाह में दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची और शादी के बाद विदाई दूल्हे की हुई। भावुक पल तब देखने को मिला जब विदाई के समय दूल्हा दुल्हन की तरह रोता नजर आया।
घर जमाई बना दूल्हा
यह अनूठा विवाह जिले के मैनपाट क्षेत्र के सुपल्गा गांव में गुरुवार को संपन्न हुआ। शादी के बाद दूल्हा अपनी ससुराल में ही रहेगा और घर जमाई के रूप में नई जिंदगी शुरू करेगा। दोनों परिवारों की आपसी सहमति से यह निर्णय लिया गया।
बेटे की कमी बनी वजह
दुल्हन के पिता मोहन एक्का ने बताया कि उनके घर में चार बेटियां हैं और कोई बेटा नहीं है। वे चाहते थे कि शादी के बाद कोई बेटा उनके साथ रहकर परिवार और खेती-किसानी की जिम्मेदारी संभाले। इसी कारण रिश्ते के दौरान यह शर्त रखी गई, जिसे दूल्हे पक्ष ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
रिवाजों में बदलाव, रिश्तों को प्राथमिकता
इस विवाह में पारंपरिक भूमिका उलट गई। दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची और सभी रस्में पूरी होने के बाद दूल्हे की विदाई कराई गई। यह विवाह सामाजिक परंपराओं से अलग होते हुए भी रिश्तों और मानवीय जरूरतों को प्राथमिकता देने का उदाहरण बन गया।
“बेटे की तरह रखेंगे”
मोहन एक्का ने कहा कि दूल्हे को वे अपने घर बेटे की तरह रखेंगे और परिवार की जिम्मेदारियां भी उसी के साथ साझा करेंगे।