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Court issues major verdict, charges framed against Soumya Chaurasia in disproportionate assets case
रायपुर। रायपुर की विशेष अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव रह चुकीं सौम्या चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में आरोप तय कर दिए हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चल रहे इस केस में अब गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे और साक्ष्यों पर विस्तृत बहस होगी।
ईओडब्ल्यू का दावा: कुछ ही वर्षों में 47 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की ओर से पेश चार्जशीट के मुताबिक, सौम्या चौरसिया ने 22 दिसंबर 2018 से 15 दिसंबर 2022 के बीच अपने और अपने करीबियों के नाम पर लगभग 47 करोड़ 17 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित की। जांच एजेंसी का कहना है कि यह संपत्ति उनकी वैध आय के मुकाबले कई गुना अधिक है।
कोर्ट में आरोपों से इनकार, ट्रायल की मांग
जब विशेष न्यायाधीश नीरज शर्मा की अदालत में आरोप पढ़कर सुनाए गए, तो सौम्या चौरसिया ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया और मामले में विचारण की मांग की। अब अदालत में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ेगी।
पहली बार आय से अधिक संपत्ति केस में चार्ज फ्रेम
हालांकि सौम्या चौरसिया का नाम पहले भी कई चर्चित मामलों में सामने आ चुका है, लेकिन यह पहला अवसर है जब आय से अधिक संपत्ति के मामले में अदालत ने औपचारिक रूप से आरोप तय किए हैं। इससे पहले उनके खिलाफ कोल लेवी, डीएमएफ और शराब घोटाले जैसे मामलों में जांच चल रही है।
ईडी की कार्रवाई से शुरू हुआ था मामला, दिसंबर 2022 में हुई थी गिरफ्तारी
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत दिसंबर 2022 में हुई थी, जब प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह निलंबित हैं और जमानत पर रिहा हैं, जबकि अब यह मामला अदालत में निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है।