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Chhattisgarh: Demand for central law to stop religious conversion intensifies, 'Roar Rally' to be held in Delhi
जशपुर। छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जशपुर जिले में मतांतरण का मुद्दा लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का केंद्र रहा है। जिले में स्थित एशिया के बड़े चर्चों में शामिल ‘रोजरी की महारानी चर्च’ कुनकुरी भी इस विषय को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है। मतांतरण के विरोध में जिले में समय-समय पर आंदोलन और विशेष अभियान चलाए जाते रहे हैं।
दिलीप सिंह जूदेव ने शुरू किया था ‘घर वापसी’ अभियान
मतांतरण विरोधी सबसे चर्चित ‘घर वापसी’ अभियान की शुरुआत जशपुर राजपरिवार के सदस्य और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री दिलीप सिंह जूदेव ने की थी। इस अभियान का उद्देश्य मतांतरित आदिवासियों को उनकी मूल परंपरा और सनातन संस्कृति से पुनः जोड़ना बताया गया था। वर्तमान में इस अभियान की कमान उनके मंझले बेटे प्रबल प्रताप सिंह जूदेव संभाल रहे हैं।
‘जात भीतर’ अभियान से जोड़े जा रहे मतांतरित आदिवासी
जनजातीय सुरक्षा मंच से जुड़े गणेश राम भगत भी ‘जात भीतर’ अभियान के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस अभियान के तहत मतांतरित आदिवासियों को उनकी पारंपरिक रीति-रिवाजों और सनातन परंपरा में वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है।
दिल्ली के लाल किला मैदान में होगी विशाल गर्जना रैली
मतांतरण रोकने के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग को लेकर दिल्ली के लाल किला मैदान में ‘गर्जना रैली’ का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार इस रैली में देशभर से लगभग पांच लाख आदिवासी शामिल होंगे।
अमित शाह और गणेश राम भगत होंगे मुख्य अतिथि
रैली और आमसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं जनजातीय सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संरक्षक गणेश राम भगत भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन
कार्यक्रम के दूसरे दिन 25 मई को विभिन्न आदिवासी संगठनों का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को ज्ञापन सौंपेगा। इसमें देशभर में मतांतरण रोकने के लिए सख्त केंद्रीय कानून बनाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी।