

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh: Festive spirit of Raksha Bandhan at the Chief Minister's residence; CM Sai says sisters' affection and blessings are invaluable to him.
रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता और उल्लास के साथ मनाया गया। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का स्वागत करते हुए कहा कि उनका स्नेह और आशीर्वाद प्रदेश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व होने के साथ महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और उनके सुखद भविष्य के प्रति जिम्मेदारी दोहराने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रक्षाबंधन के मद्देनजर 25 अगस्त को योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की गई।

उन्होंने कहा कि योजना से महिलाओं में आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ा है और वे इस राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने इसे महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि ड्रोन दीदी, ई-रिक्शा दीदी और स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। ड्रोन के जरिए कृषि कार्य करने वाली महिलाएं आय अर्जित कर रही हैं, वहीं नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां आजीविका से जुड़ी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार और उद्यमी बनाना चाहती है। महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री पर 50 प्रतिशत पंजीयन शुल्क छूट का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में करीब 30 हजार महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। प्रदेश को अब तक करीब 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने की बात भी उन्होंने कही।

मुख्यमंत्री ने ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग महिलाओं और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने CRPF, BSF, CISF और ITBP समेत विभिन्न सुरक्षा बलों के करीब 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधी।
साय ने कहा कि त्योहारों पर भी जवान परिवार से दूर रहकर देश और प्रदेश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। ऐसे वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना सभी का दायित्व है।
मुख्यमंत्री निवास में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी और स्मृति दीदी, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन समेत महिला पत्रकारों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और दिव्यांग बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आर्थिक आत्मनिर्भरता ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है। उन्होंने प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।