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Chhattisgarh: Illegal opium cultivation on 3.67 acres busted in Balrampur, 7 arrested
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में जशपुर के पूर्व सरपंच समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तस्करों ने किसानों को अफीम की फसल उगाने के लिए प्रति किलो एक लाख रुपये देने का लालच दिया था।
3.67 एकड़ जमीन में 4.75 करोड़ की फसल जब्त
कलेक्टर राजेंद्र कटारा के अनुसार, करीब 3.67 एकड़ भूमि में उगाई गई अफीम की फसल से 43.45 क्विंटल पौधे जब्त किए गए हैं। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ 75 लाख रुपये आंकी गई है। 10 मार्च को कुसमी पुलिस को सूचना मिली थी कि त्रिपुरी के घोसराडांड़ क्षेत्र में रूपदेव भगत और कौसिल भगत के खेत में अवैध अफीम की खेती की जा रही है।
सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां कुछ लोग खेत की रखवाली करते मिले। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम रूपदेव राम भगत, कौसिल भगत, मनोज कुमार, जिरमल मुंडा, उपेंद्र कुमार, विन्देश्वर और कृष्णा सिंह बताया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत सभी को गिरफ्तार कर लिया।
जंगल और पहाड़ों के बीच छिपाकर उगाई जा रही थी फसल
जांच में सामने आया कि जिस जमीन पर खेती हो रही थी, वह राजस्व रिकॉर्ड में खाली पड़ी भूमि के रूप में दर्ज थी। यह इलाका झारखंड सीमा से लगा हुआ है और घने जंगलों तथा पहाड़ों से घिरा हुआ है। दुर्गम रास्तों के कारण यहां तक पहुंचना बेहद मुश्किल है।
पुलिस और प्रशासन की टीम को कई किलोमीटर पैदल चलकर खेतों तक पहुंचना पड़ा। जांच में पता चला कि यहां पिछले पांच से छह महीनों से योजनाबद्ध तरीके से अवैध अफीम की खेती की जा रही थी।
प्रशासन ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
कलेक्टर ने आरआई और पटवारियों से इलाके में लगी फसलों की जांच रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन ने साफ कहा है कि जिले में मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। यदि कहीं भी अवैध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।