

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh: Major opium cultivation bust in Balrampur, crop recovered from nearly two acres in Tripuri village of Kusmi
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के बीच बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से अफीम की खेती का एक और बड़ा मामला सामने आया है। जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी इलाके में लगभग दो एकड़ जमीन पर अफीम की खेती किए जाने का खुलासा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
दुर्ग के बाद प्रदेश में दूसरा मामला
प्रदेश में पिछले पखवाड़े के भीतर अफीम की खेती का यह दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले सोमोदा (दुर्ग जिला) में अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आया था, जिसने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी थी। अब सरगुजा संभाग के बलरामपुर-रामानुजगंज जिला के कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में भी अफीम की फसल मिलने से प्रशासन सतर्क हो गया है।
पहुंच से दूर इलाके में की जा रही थी खेती
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक जिस स्थान पर अफीम की खेती मिली है, वहां तक चार पहिया वाहन से पहुंचना भी संभव नहीं है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह खेती लंबे समय से की जा रही थी और फसल का अधिकांश हिस्सा पहले ही उपयोग में लाया जा चुका है।
पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है और उनकी तलाश तेज कर दी गई है। जमीन के स्वामित्व और राजस्व रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि बाहरी व्यक्ति द्वारा जमीन लीज पर लेकर खेती किए जाने की भी आशंका है।
देर शाम तक विस्तृत जानकारी देगी पुलिस
मामले की पुष्टि करते हुए वैभव बैंकर ने बताया कि कुसमी थाना क्षेत्र के पाट इलाके के दुर्गम क्षेत्र में अफीम की खेती बरामद हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस और राजस्व टीम मौके पर जांच कर रही है और देर शाम तक विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
दुर्ग मामले में प्रशासन की सख्त कार्रवाई
इधर दुर्ग जिले के सोमोदा गांव में सामने आए अफीम खेती मामले में जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी विनायक ताम्रकार के भाई बृजेश ताम्रकार की अवैध दुकान पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया।
तहसीलदार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की। इससे पहले पुलिस ने विनायक ताम्रकार समेत दो लोगों को गिरफ्तार भी किया था। मामला सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने विनायक ताम्रकार को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।