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Chhattisgarh News: Investigation into DMF and coal levy scams intensifies; ED conducts raids in Raipur and Durg... Rs 21 lakh in cash and documents seized.
रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ में कथित DMF और कोल लेवी घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को रायपुर और दुर्ग में कारोबारियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। अलग-अलग टीमों ने रायपुर में सराफा कारोबारी नितिन डागा के घर और दुकान, जबकि दुर्ग में बघेल कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रोशन बघेल के कार्यालय और आवास की तलाशी ली।कार्रवाई के दौरान दोनों कारोबारियों के ठिकानों से कुल 21 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य रिकॉर्ड भी जांच के लिए अपने साथ ले जाए गए। हालांकि, ED की ओर से छापेमारी के संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नही किया गया है।
ED की टीम मंगलवार सुबह करीब 5 बजे दो वाहनों से रायपुर के रवि नगर स्थित सुशील विला पहुंची। यह मकान सराफा कारोबारी नितिन डागा का बताया गया है। कार्रवाई के दौरान परिवार के सदस्य घर पर मौजूद थे। अधिकारियों ने परिसर की तलाशी लेकर करीब 16 लाख रुपये नकद और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में लिए।इसके बाद सदर बाजार स्थित डागा ज्वेलरी शॉप में भी जांच की गई। बताया जा रहा है कि अधिकारियों के पास संपत्ति से जुड़ी कुछ जानकारियां थीं, जिनके आधार पर दस्तावेजों की पड़ताल की गई।नितिन डागा के राजनीतिक दलों के नेताओं और अधिकारियों से कथित संबंधों को लेकर भी चर्चाएं हैं। पिछली सरकार के कुछ प्रभावशाली अधिकारियों की संपत्ति में निवेश किए जाने के दावे भी सामने आए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नही हुई है।
दूसरी ओर, ED की टीम मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे चार वाहनों से दुर्ग के मालवीय नगर स्थित बघेल कॉर्पोरेट के कार्यालय पहुंची। एक अन्य टीम ने पुलगांव की ऋषभ कॉलोनी स्थित रोशन बघेल के आवास पर तलाशी ली।जानकारी के अनुसार, करीब 20 से 22 अधिकारियों ने दोनों परिसरों में दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़ी जानकारियों की जांच की। रोशन बघेल के घर से करीब 5 लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और संपत्ति के कागजात ले जाए जाने की जानकारी है।रोशन बघेल का कारोबार निर्माण, परिवहन और कोयला खनन से जुड़ी सेवाओं तक फैला बताया जाता है। कोरबा में उसके ट्रकों के जरिए कोयला परिवहन किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। उसका निलंबित उपसचिव सौम्या चौरसिया से कथित संबंध होने की चर्चा है, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नही है।
रायपुर और दुर्ग में हुई छापेमारी को DMF तथा कोल लेवी घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के संदर्भ में देखा जा रहा है। जांच का संभावित दायरा संपत्ति में निवेश, वित्तीय लेन-देन और कथित अवैध कमाई के स्रोतों तक पहुंच सकता है।हालांकि, ED ने अब तक यह स्पष्ट नही किया है कि छापेमारी में मिले दस्तावेजों और नकदी का किसी विशेष मामले से क्या संबंध है। जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही कार्रवाई के उद्देश्य तथा बरामद सामग्री के महत्व को लेकर स्पष्ट स्थिति बन सकेगी।
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों से ED, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कोयला लेवी, शराब, DMF, भारतमाला, CGPSC और महादेव सट्टा समेत कई मामलों की जांच कर रही हैं।इन मामलों में कुछ आरोपियों के नाम और कारोबारी संबंध एक से अधिक जांचों में सामने आने की खबरें आती रही हैं। जांच एजेंसियां कथित अवैध कमाई के स्रोत, उसके इस्तेमाल और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावित कड़ियों की पड़ताल कर रही हैं।जमीन, सराफा, होटल और फिल्म निर्माण जैसे कारोबार में निवेश की संभावनाओं को भी जांच के दायरे से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, किसी कारोबारी या व्यक्ति के खिलाफ आरोपों को अंतिम रूप से साबित मानने से पहले जांच के निष्कर्ष और कानूनी प्रक्रिया का इंतजार करना जरूरी है।