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Surajpur receives a gift of development projects worth over Rs 232 crore; Chief Minister performs inaugurations and ground-breaking ceremonies.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को सूरजपुर जिले को 232 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से प्रेमनगर में आयोजित कार्यक्रम में 24 करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 63 विकास कार्यों का लोकार्पण किया, जबकि 208 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रेमनगर नगर पंचायत में 2 करोड़ 70 लाख रुपये के अतिरिक्त विकास कार्यों की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरगुजा और बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। लक्ष्य है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम गांव तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री साय ने प्रेमनगर नगर पंचायत में मंगल भवन के पास डोम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये, इंडोर स्टेडियम के लिए 50 लाख रुपये और वार्ड क्रमांक 10, 11 एवं 12 से विश्रामगृह तक लगभग दो किलोमीटर लंबी बीटी सड़क के निर्माण के लिए एक करोड़ 20 लाख रुपये देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। क्षेत्र की आवश्यकताओं और जनप्रतिनिधियों की मांगों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिकूल मौसम के कारण कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाने पर क्षेत्रवासियों से खेद भी जताया और कार्यक्रम की तैयारियों के लिए जिला प्रशासन की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने जल संचय जनभागीदारी अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने पर सूरजपुर जिले के नागरिकों, कलेक्टर और जिला प्रशासन की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सूरजपुर प्रदेश में प्रथम और देश में चौथे स्थान पर है। यह जनभागीदारी, जागरूकता और प्रशासन के समर्पित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि बदलते वर्षा चक्र, गिरते भूजल स्तर और पेयजल की बढ़ती जरूरतों के बीच जल संरक्षण बेहद जरूरी है। वर्षा जल का संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सूरजपुर जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़ी अधोसंरचना के 2,212 कार्यों पर लगभग 130 करोड़ 56 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, भूजल स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि के लिए लगातार काम किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी कर रही है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्रों को स्वीकृति दी गई है। इससे उन्हें धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने और केंद्रों में अनावश्यक इंतजार करने से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को धान की अंतर राशि भी एकमुश्त दी जा रही है।
साय ने बताया कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा लगभग 1,500 पुरानी सिंचाई योजनाओं की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों से नहरों, बांधों के गेट और अन्य सिंचाई संरचनाओं में सुधार होगा तथा किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना राज्य सरकार का महत्वपूर्ण संकल्प है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि योजना से लाभान्वित महिलाओं के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास देखकर संतोष होता है। महिलाओं के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव ही योजनाओं की वास्तविक सार्थकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रदेश में लगभग 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया समुदायों को पक्के आवास सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है। इससे लाखों वनवासी परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई में ऐतिहासिक सफलता मिली है। बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का नया वातावरण बन रहा है। जिन क्षेत्रों में नक्सलवाद के कारण विकास प्रभावित था, वहां अब सड़क, बिजली, पानी, आवास और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा के वनांचलों में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को नई पहचान देने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का उद्देश्य नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की गई है, ताकि नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें और उनका समयबद्ध निराकरण हो।
उन्होंने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से विभिन्न शासकीय सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। नागरिक मोबाइल से आवेदन कर घर बैठे प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से शासकीय सेवाओं के साथ बैंकिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए अंजोर विजन 2047 तैयार किया है। इसके अनुरूप मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां प्रत्येक नागरिक को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास के समान अवसर मिलें। उन्होंने प्रदेशवासियों से विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश, विशेषकर सरगुजा संभाग के विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिली है। सरकार अधोसंरचना निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए सुनियोजित ढंग से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद स्वीकृत निर्माण कार्यों में तेजी आएगी। सूरजपुर सहित पूरे सरगुजा संभाग में आने वाले समय में विकास के नए कार्य धरातल पर दिखाई देंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से प्रत्येक ग्राम पंचायत की जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता तय कर विकास कार्य स्वीकृत करने का आग्रह किया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं, किसानों, गरीब परिवारों और जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल देकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीब परिवारों के पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है। सड़क, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से लोगों का जीवन सुगम बन रहा है। उन्होंने सूरजपुर जिले को विकास कार्यों की सौगात मिलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास से सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक गोमती साय और भरत सिंह सिसोदिया शामिल हुए। वहीं, प्रेमनगर स्थित कार्यक्रम स्थल पर विधायक भूलन सिंह मरावी, विधायक शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष चंदमणि पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।