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Chhattisgarh: Nine rehabilitated women from Sukma participated voluntarily; the Village Industries Department stated that written consent was given without any coercion.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाथकरघा और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए आयोजित स्वदेशी फैशन शो में सुकमा की पुनर्वासित महिलाओं की भागीदारी को लेकर ग्रामोद्योग विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के मुताबिक, सुकमा जिला प्रशासन ने 19 जुलाई 2026 को इन महिलाओं की सहभागिता की जानकारी दी थी और चयनित सभी 9 महिलाओं ने लिखित सहमति देकर कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
विभाग ने कहा कि महिलाओं ने बिना किसी दबाव के अपनी स्वेच्छा से स्वदेशी फैशन शो में हिस्सा लिया। इसे पुनर्वासित महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया है।
राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में स्वदेशी फैशन शो और ग्रामोद्योग हाथकरघा प्रदर्शनी आयोजित की गई थी। सुकमा जिले के पुनर्वास केंद्रों में रह रही 9 महिलाओं ने बिलासा हैंडलूम एम्पोरियम के कोसा और कॉटन परिधान पहनकर रैंप वॉक किया।
ग्रामोद्योग विभाग के अनुसार, महिलाओं के लिए यह अनुभव सामाजिक पुनर्स्थापन के साथ-साथ आत्मविश्वास और सम्मान की भावना को मजबूत करने वाला रहा।
ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा ने कहा कि पुनर्वासित हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ना उनके स्थायी पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए बेहद जरूरी है।
इसी उद्देश्य से बस्तर संभाग के 8 पुनर्वास केंद्रों के 160 हितग्राहियों को निःशुल्क हाथकरघा वस्त्र बुनाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक केंद्र से 20 हितग्राहियों का चयन किया जाएगा।
विभाग का कहना है कि प्रशिक्षण के जरिए पुनर्वासित हितग्राहियों को कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा में अपनी मजबूत भूमिका निभा सकें।