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Chhattisgarh: Patwari Association opposes crop survey via PV app, announces boycott.
रायपुर। खरीफ फसल की गिरदावरी के बीच नए पीवी (फसल भौतिक सत्यापन) एप के जरिए फसल प्रविष्टि करने की व्यवस्था को लेकर राजस्व पटवारी संघ ने विरोध शुरू कर दिया है। संघ का आरोप है कि 18 सितंबर को बिना पूर्व सूचना पटवारियों की आईडी बंद कर दी गई और पीवी एप के माध्यम से गिरदावरी करने के निर्देश दिए गए।
पटवारी संघ ने इस नई व्यवस्था का बहिष्कार करने की घोषणा की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि दबाव बनाकर काम कराया गया, तो प्रदेशभर के पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन कर सकते हैं।
पटवारी संघ के अनुसार, खरीफ गिरदावरी के लिए 17 अगस्त से 30 सितंबर तक की समय-सीमा निर्धारित की गई थी। इस दौरान पटवारी डीसीएस और ऑनलाइन फसल प्रविष्टि का कार्य कर रहे थे। संघ का कहना है कि गिरदावरी की प्रक्रिया के बीच अचानक व्यवस्था बदलने से पहले से चल रहा काम प्रभावित हुआ है।
संघ ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव और भू-अभिलेख संचालक को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
पटवारी संघ ने पीवी एप में इस्तेमाल किए जा रहे नक्शे को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संघ का कहना है कि डीसीएस का नक्शा करीब तीन वर्ष पुराना है। कई खसरों में अब तक नक्शा विभाजन नहीं होने के कारण मौके पर जाकर वास्तविक फसल की सही प्रविष्टि करने में परेशानी आ सकती है।
संघ ने बिना नक्शा विभाजन के और किसान की सहमति के बिना फसल दर्ज करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है।
पटवारी संघ का कहना है कि गिरदावरी की प्रविष्टियां धान सहित अन्य खरीफ फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में यदि गिरदावरी समय पर पूरी नहीं हुई या फसल की प्रविष्टियों में गलती हुई, तो किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, किसानों को होने वाली इस तरह की परेशानी को लेकर संघ ने आशंका जताई है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि वह नई व्यवस्था के तहत काम करने का विरोध कर रहा है। पटवारियों पर यदि पीवी एप के माध्यम से गिरदावरी का काम करने के लिए दबाव बनाया गया, तो संघ ने प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी है।