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Chhattisgarh: Police Commissionerate system likely to be implemented soon in Bilaspur; Deputy CM outlines government's plans.
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने संकेत दिए हैं कि बिलासपुर की पुलिस व्यवस्था में जल्द बड़ा बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। ऐसे में आने वाले समय में बिलासपुर समेत अन्य संभागीय मुख्यालयों में भी पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
रविवार को बिलासपुर में सराफा एसोसिएशन के सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे गृहमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि बिलासपुर पुलिस के पूरे ढांचे (फॉर्मेशन) में व्यापक बदलाव किए जाएंगे, जिससे कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय बिलासपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने की दिशा में तैयारी शुरू कर चुके हैं।
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस को कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकार मिल जाएंगे। कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस को कलेक्टर या एसडीएम के आदेश का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
पुलिस कमिश्नर को धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू करने, लाठीचार्ज की अनुमति देने और अपराधियों को जिलाबदर करने जैसे अधिकार प्राप्त होंगे। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में आसानी होगी।
नई व्यवस्था के तहत शहरी और ग्रामीण पुलिसिंग को अलग-अलग संचालित किया जाएगा। शहर की जरूरतों के अनुरूप अलग पुलिस व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे अपराध नियंत्रण और निगरानी को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
वर्तमान में बिलासपुर जिले की कमान एसएसपी के हाथों में है। कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद शहर को दो से तीन जोन में विभाजित किया जाएगा। प्रत्येक जोन में एसपी रैंक के अधिकारी बतौर डीसीपी तैनात होंगे।
इससे वरिष्ठ अधिकारी सीधे फील्ड में रहकर थानों की क्लोज मॉनिटरिंग करेंगे और अपराधियों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317 के तहत चोरी का सामान मिलने पर कार्रवाई का प्रावधान है। सराफा व्यापारियों ने इस प्रक्रिया को अधिक सरल और स्पष्ट बनाने की मांग की है। सरकार इस विषय पर चर्चा कर उचित निर्णय लेगी।
प्रदेश में बढ़ते अपराधों को लेकर पूछे गए सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि सभी आपराधिक घटनाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि अपराध की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस भी आरोपियों को तेजी से गिरफ्तार कर रही है। हर मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
मंगला और मोपका में घोषित थानों के शुरू नहीं होने के सवाल पर विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में नए थाने शुरू किए गए हैं। बिलासपुर में भी पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और पूरे पुलिस ढांचे में व्यापक सुधार किए जाएंगे।
बिलासपुर प्रदेश का महत्वपूर्ण प्रशासनिक और शैक्षणिक केंद्र है। यहां हाईकोर्ट, रेलवे जोन, बिलासपुर विश्वविद्यालय और बड़े कोचिंग संस्थान होने के कारण बड़ी संख्या में फ्लोटिंग आबादी रहती है।
सिविल लाइन, कोनी और सरकंडा जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़ते अपराध, ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क और नशे के बढ़ते मामलों को देखते हुए पारंपरिक पुलिस व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने से पुलिस को त्वरित निर्णय लेने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अधिक प्रभावी अधिकार मिल सकेंगे।