

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh: Politics intensifies over Nari Shakti Vandan Act, special assembly session on April 30 in Chhattisgarh
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासत तेज हो गई है। अधिनियम के लोकसभा से पारित नहीं हो पाने के मुद्दे पर राज्य सरकार ने 30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। सत्र के दौरान विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि सरकार ने विशेष सत्र आयोजित करने का आग्रह किया है, जबकि इसकी अवधि का निर्णय विधानसभा अध्यक्ष करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया है। साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह संघर्ष जारी रहेगा।
बयानबाज़ी पर भी घमासान
अरुण साव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल की गई कथित आपत्तिजनक भाषा की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे “निम्न स्तर की राजनीति” बताते हुए कहा कि यह न सिर्फ प्रधानमंत्री बल्कि देश की जनता का भी अपमान है।
सचिन तेंदुलकर के दौरे पर विवाद
बस्तर में सचिन तेंदुलकर के प्रस्तावित दौरे को लेकर भी राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। साव ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह नक्सलवाद खत्म नहीं होने देना चाहती और इस दौरे पर भी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदुलकर का दौरा क्षेत्र के युवाओं को प्रेरित करने के लिए है।
धर्मांतरण पर सरकार का सख्त रुख
धर्मांतरण के मुद्दे पर साव ने कहा कि यह राज्य के सामने बड़ी चुनौती है। सरकार ने कानून को और सख्त किया है और समाज से भी इसमें सहयोग की अपील की है।
कांग्रेस का पलटवार
पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने विशेष सत्र को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है और यदि सरकार सत्र बुला रही है तो विपक्ष को भी अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
डहरिया ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिलाओं के अधिकारों को लागू करने में देरी कर रही है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
सुरक्षा और नक्सलवाद पर भी बहस
सचिन तेंदुलकर के बस्तर दौरे पर डहरिया ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कहा कि नक्सलवाद अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा कारणों से कुछ कार्यक्रमों में बदलाव किया गया है, जो सरकार के दावों पर सवाल खड़ा करता है।
सरकार पर दिखावे की राजनीति का आरोप
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा। डहरिया ने कहा कि यह केवल दिखावा है और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।