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CG News: Political heat over Nari Shakti Vandan Act, Congress and BJP face off over women's reservation
रायपुर। महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक हलकों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में गिर गया। इस मामले में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच तीखी बहस छिड़ गई। कांग्रेस ने भाजपा पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को ट्रैप करने का आरोप लगाया, वहीं भाजपा ने इसे कांग्रेस का भ्रम फैलाने वाला कदम बताया।
कांग्रेस का आरोप: मोदी सरकार ने विपक्ष को ट्रैप करने की कोशिश की
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य रंजीत रंजन ने मंगलवार को महिला विधायकों के साथ प्रेस वार्ता आयोजित की। उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि उसने महिला आरक्षण बिल को पास करने के लिए विपक्ष को फंसाने की कोशिश की, लेकिन वह इसमें विफल रही। रंजीत रंजन ने कहा, "अगर यह बिल पास हो जाता तो भाजपा इसे अपने लाभ के रूप में पेश करती, लेकिन अब बिल गिरने के बाद कांग्रेस और विपक्ष को दोषी ठहरा रही है।"
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार यदि चाहती, तो बिना परिसीमन के ही लोकसभा की मौजूदा सीटों पर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू कर सकती थी। रंजीत रंजन ने मांग की कि मोदी सरकार को महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू करना चाहिए।
भा.ज.पा. का पलटवार: कांग्रेस महिला आरक्षण पर भ्रम फैला रही है
भा.ज.पा. की राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने रंजीत रंजन के आरोपों का जोरदार जवाब दिया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस महिला आरक्षण के नाम पर भ्रम फैला रही है। कांग्रेस के नेताओं ने छत्तीसगढ़ में आकर महिलाओं और जनता को गुमराह किया है। रंजीत रंजन को प्रदेश की बेटियों और जनता से माफी मांगनी चाहिए।"
लक्ष्मी वर्मा ने आगे कहा, "नारी शक्ति वंदन विधेयक 21वीं सदी का एक बड़ा सुधार है, जिसका विरोध करना माताओं और बहनों का अपमान करना है। यह विधेयक लोकसभा में महिलाओं के लिए 280 से अधिक सीटों पर आरक्षण का प्रस्ताव करता है, जबकि कांग्रेस केवल 181 महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व की बात कर रही है। कांग्रेस का यह रुख महिला विरोधी है।"
कांग्रेस के तर्क: महिला आरक्षण की सच्ची जरूरत
कांग्रेस की महिला विधायकों ने भी अपने तर्क दिए और कहा कि भाजपा महिला आरक्षण का मुद्दा उठाकर असल मुद्दों से ध्यान भटका रही है। विधायक अनिला भेड़िया ने कहा, "कांग्रेस ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया था। अब भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर केवल परिसीमन को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।" कांग्रेस की महिला विधायक अंबिका मरकाम, संगीता सिन्हा, सावित्री मंडावी, चातुरी नंद और शेषराज हरवंश ने इस प्रेस वार्ता में भाग लिया और पार्टी के रुख का समर्थन किया।