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Chhattisgarh: Theft worth ₹71 lakh in Raipur; cook hired just 14 days ago turns out to be the mastermind; arrested at Nagpur station within 8 hours.
रायपुर। रायपुर के मोवा थाना क्षेत्र में एक कारोबारी के घर हुई 71 लाख रुपये की बड़ी चोरी का पुलिस ने महज 8 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस मामले में घर में कुक के तौर पर काम कर रहे 22 वर्षीय महेंद्र यादव को नागपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की पूरी नकदी और जेवर बरामद कर लिए हैं। मामले में आरोपी के एक साथी को भी गिरफ्तार किया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महज 14 दिन पहले ही कारोबारी के घर नौकरी पर आया था और उसी दौरान उसने घर की गतिविधियों और परिवार की दिनचर्या पर नजर रखकर चोरी की पूरी साजिश तैयार कर ली थी।
पुलिस के अनुसार, मोवा स्थित अशोका आईकॉन निवासी कारोबारी पंकज अग्रवाल ग्रीन नेट के व्यवसाय से जुड़े हैं। रविवार 26 जुलाई की दोपहर करीब 2 बजे वे अपने परिवार के साथ एक रिश्तेदार के घर गए थे। उस समय घर में केवल उनका कुक महेंद्र यादव मौजूद था, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है।
आरोपी को करीब तीन घंटे तक घर में अकेले रहने का मौका मिला। इसी दौरान उसने अलमारी और लॉकर से लाखों रुपये की नकदी और कीमती सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए और मौके से फरार हो गया।
शाम करीब 5 बजे जब पंकज अग्रवाल अपने परिवार के साथ वापस लौटे तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया और घंटी बजाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह होने पर वे पीछे के रास्ते से घर के भीतर पहुंचे।
घर के अंदर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि कुक गायब था और घर का सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर अलमारी और लॉकर से भारी मात्रा में नकदी और जेवर गायब मिले। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और साइबर टीम मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी महेंद्र यादव संदिग्ध गतिविधियों के साथ घर से निकलता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और रेलवे स्टेशनों सहित संभावित भागने के रास्तों पर अलर्ट जारी कर दिया।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महज 8 घंटे के भीतर आरोपी को नागपुर रेलवे स्टेशन से धर दबोचा। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर चोरी की गई पूरी नकदी और जेवर बरामद कर लिए गए। पुलिस ने आरोपी के एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया है, जिसने चोरी के माल को ठिकाने लगाने में मदद की थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने नौकरी मिलने के बाद से ही घर की सुरक्षा व्यवस्था, परिवार की दिनचर्या और कीमती सामान रखने की जगह की जानकारी जुटानी शुरू कर दी थी। जैसे ही उसे परिवार के बाहर जाने का मौका मिला, उसने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देकर फरार होने की कोशिश की।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी और उसके साथी के साथ इस वारदात में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। साथ ही दोनों आरोपियों से पूछताछ कर चोरी की साजिश और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।