

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Government preparing for major economic reforms amidst the West Asia crisis; PM Modi to hold a crucial meeting with secretaries today.
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और उसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव के बीच केंद्र सरकार बड़े आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में विभिन्न सचिव समूह अपनी रिपोर्ट और सुझाव प्रस्तुत करेंगे, जिनके आधार पर केंद्र सरकार रिफॉर्म के अगले चरण का खाका तैयार करेगी।
सूत्रों के अनुसार, फरवरी के अंत में ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में विभिन्न क्षेत्रों के अध्ययन और रणनीति तैयार करने के लिए सात सचिव समूह (Secretary Groups) गठित किए गए थे। इन समूहों ने अपनी रिपोर्ट कैबिनेट सचिव को सौंप दी है, जिसे अब प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
इन समूहों का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला, महंगाई, आयात-निर्यात, रक्षा निर्माण, लॉजिस्टिक्स और विदेश नीति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समन्वित रणनीति तैयार करना था।
बैठक से पहले सभी सचिवों को तीन प्रमुख कार्य सौंपे गए हैं, जिन पर विस्तार से चर्चा होगी।
1. विभागीय बाधाओं की पहचान और समाधान
सचिवों से पूछा गया है कि उनके विभागों में योजनाओं और लक्ष्यों को पूरा करने में कौन-कौन सी बाधाएं आ रही हैं और उन्हें दूर करने के लिए क्या सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
2. विभागीय सीमाओं से आगे बढ़कर काम करने की रणनीति
सचिवों को यह भी बताना होगा कि वे केवल अपने विभाग तक सीमित न रहकर अन्य मंत्रालयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर राष्ट्रीय लक्ष्यों को कैसे गति दे सकते हैं।
3. अन्य विभागों के लिए भी सुधार सुझाव
सरकार ने सचिवों से अपने विभाग के अलावा दूसरे मंत्रालयों और विभागों में सुधार के लिए भी सुझाव देने को कहा है, ताकि प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और समन्वित बन सके।
सबसे बड़ा सचिव समूह आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर के नेतृत्व में बनाया गया है। 11 सदस्यों वाले इस समूह ने देश की व्यापक अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने, निवेश बढ़ाने, आयात-निर्यात को मजबूत करने तथा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को गति देने संबंधी सुझाव तैयार किए हैं।
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल के नेतृत्व वाला समूह एलएनजी, एलपीजी, कच्चे तेल की आपूर्ति तथा ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। इस समूह में सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल कंपनियों के सीएमडी भी शामिल हैं।
विदेश सचिव के नेतृत्व में गठित समूह ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक प्राथमिकताओं पर रिपोर्ट तैयार की है। वहीं रक्षा सचिव के नेतृत्व वाला समूह रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता को लेकर सुझाव देगा।
इसके अलावा जहाजरानी सचिव विजय कुमार के नेतृत्व में गठित समूह देश की लॉजिस्टिक्स प्रणाली, आपूर्ति श्रृंखला और परिवहन ढांचे को अधिक सक्षम बनाने की रणनीति प्रस्तुत करेगा।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि पिछले एक दशक में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के क्षेत्र में कई सुधार किए गए हैं, लेकिन निवेशकों को अब भी उद्योग स्थापित करने और विभिन्न स्वीकृतियां प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सरकार का मानना है कि यदि लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को अधिक कुशल बनाया जाए तो मैन्युफैक्चरिंग की कुल लागत कम होगी, भारतीय उत्पाद वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।