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Chhattisgarh: Three-year-old legal battle ends, High Court approves Navita Shivhare's presidency
कोरिया। कोरिया जिले में लंबे समय से चल रहे अध्यक्ष पद विवाद पर आखिरकार विराम लग गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लॉटरी प्रक्रिया के जरिए चुनी गईं नविता शिवहरे के चयन को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के साथ ही उनके अध्यक्ष पद पर आधिकारिक मुहर लग गई है और करीब तीन वर्षों से चला आ रहा विवाद समाप्त हो गया है।
क्या था पूरा मामला
अध्यक्ष पद के लिए लॉटरी प्रणाली के माध्यम से नविता शिवहरे का चयन किया गया था। इस प्रक्रिया को लेकर विरोध पक्ष ने सवाल उठाते हुए अदालत का रुख किया था। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि चयन प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया और लॉटरी प्रणाली पारदर्शी नहीं थी। उन्होंने अदालत से इस चयन को निरस्त करने की मांग की थी।
अदालत में क्या हुई बहस
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखे। याचिकाकर्ताओं ने लॉटरी प्रक्रिया को अवैध और त्रुटिपूर्ण बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की। वहीं, नविता शिवहरे के पक्ष ने दलील दी कि पूरी प्रक्रिया शासन द्वारा तय नियमों के तहत और पारदर्शिता के साथ पूरी की गई है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है।
हाईकोर्ट का फैसला
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया और लॉटरी के जरिए हुए चयन को वैध ठहराया। कोर्ट के इस निर्णय ने स्पष्ट कर दिया कि चयन प्रक्रिया कानूनी रूप से सही थी और इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
फैसले के बाद क्या बदलेगा
अध्यक्ष पद पर अब पूरी तरह कानूनी मुहर लग गई है। लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद समाप्त हो गया है। स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।