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CG News: Major action taken against illegal children's home in Raipur, children rescued from Panchayat Bhawan... Children's home was running without recognition, department raids
रायपुर। राजधानी रायपुर के चंपारण गांव में पंचायत भवन के अंदर लंबे समय से अवैध रूप से संचालित हो रहे बालगृह पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान करीब 15 नाबालिग बच्चों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें कुछ दिव्यांग बच्चे भी शामिल रहे।
दो साल से बिना अनुमति चल रहा था संचालन
अधिकारियों की जांच में सामने आया कि यह बालगृह पिछले लगभग दो वर्षों से बिना किसी वैध मान्यता के संचालित किया जा रहा था। संस्था की ओर से कोई भी सरकारी अनुमति या पंजीकरण दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद संचालकों ने कोई वैध प्रमाण नहीं दिया।
सूचना के बाद की गई गोपनीय जांच
सूत्रों के अनुसार इस अवैध संचालन की सूचना करीब एक महीने पहले विभाग को मिली थी। इसके बाद टीम ने गोपनीय तरीके से निगरानी और जांच की। पुष्टि होने के बाद मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
बच्चों की खराब स्थिति ने बढ़ाई चिंता
मौके पर जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बच्चों के रहने और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। केवल दो कमरों में लड़के और लड़कियों को अलग अलग रखा गया था, जबकि अन्य बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव पाया गया।
बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किए गए बच्चे
रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को माना स्थित बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद उन्हें विभागीय संरक्षण गृह में सुरक्षित स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उनकी देखभाल की व्यवस्था की गई है।
जांच और आगे की कार्रवाई जारी
महिला एवं बाल विकास विभाग अब इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटा है। बालगृह के संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।