

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh Weather: Heavy rainfall on the last Monday of Sawan; downpour in Raipur and several other areas.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सावन के अंतिम सोमवार को मानसून पूरी तरह सक्रिय नजर आया। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में दिनभर जमकर बारिश हुई। रायपुर शहर में 12 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि बस्तर संभाग के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम के असर से अगले दो दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
सोमवार को राजधानी रायपुर दिनभर बारिश से तरबतर रही। शहर में 12 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं प्रदेश में सबसे अधिक 18 सेंटीमीटर वर्षा छोटेडोंगर में रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा अंतागढ़ और बास्तानार में 16-16 सेंटीमीटर, जबकि चलगली, माकड़ी, बड़े बचेली, दौरा कोचली और नारायणपुर में 13-13 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
सोमवार को पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय रहा। बस्तर संभाग में अनेक स्थानों पर बारिश हुई, जबकि रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई।
मौसमी सब-डिवीजन में अब तक कुल बारिश सामान्य के आसपास बनी हुई है, हालांकि सामान्य वर्षा की तुलना में करीब 4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
मंगलवार सुबह राजधानी रायपुर में धूप निकलने के बावजूद मौसम विभाग ने दिनभर बादल छाए रहने और बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। शहर में मौसम कभी साफ तो कभी मेघमय रह सकता है।
रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
सोमवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान अम्बिकापुर में 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान जगदलपुर में 21.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है।
इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश से पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा तक द्रोणिका बनी हुई है। यह उत्तरी मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़ और झारखंड से होकर लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली है।
इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले दो दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने के आसार जताए गए हैं। हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल बनने की स्थिति में कहीं-कहीं तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।