

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Swine flu infection persists in Raipur; 32 cases detected this year, with 6 patients currently undergoing treatment.
रायपुर। राजधानी रायपुर में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) का संक्रमण लगातार बना हुआ है। सोमवार को जिले में स्वाइन फ्लू का एक और मरीज सामने आया। इसके साथ ही इस साल रायपुर जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। इनमें से 26 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 6 सक्रिय मरीजों का इलाज जारी है।
बारिश और मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण वायरल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। स्वाइन फ्लू में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे होने के कारण कई लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते।
यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें या सांस लेने में परेशानी हो, तो समय पर जांच कराना और चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर उपचार कराने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
सार्वजनिक स्थानों से लौटने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचना चाहिए। घर में किसी सदस्य को सर्दी, खांसी या बुखार होने पर उसके इस्तेमाल की वस्तुएं अलग रखना बेहतर है।
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बनाए रखने के लिए पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए। भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचना भी संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
डा. निलय मोझरकर के अनुसार, यदि बुखार के साथ लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य वायरल मानकर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली बूंदों और नजदीकी संपर्क के माध्यम से फैल सकता है। इसलिए खांसी-जुकाम होने पर मास्क का इस्तेमाल करना और हाथों की नियमित सफाई करना जरूरी है।
संक्रमित व्यक्ति को भी दूसरों के संपर्क में आने से बचना चाहिए। परिवार के किसी सदस्य में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर उसकी सेहत पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।