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Chhattisgarh liquor scam EOW investigation
रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू-एसीबी की टीम ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में शनिवार को भिलाई स्थित एक प्रमुख चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) फर्म के दफ्तर में दबिश देकर महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। साथ ही, जांच एजेंसी ने लॉकडाउन के दौरान अवैध शराब के परिवहन में इस्तेमाल किए गए एक वाहन को भी जब्त किया है।
ईओडब्ल्यू-एसीबी में दर्ज अपराध की विवेचना के दौरान यह खुलासा हुआ कि मार्च-अप्रैल 2020 के लॉकडाउन के दौरान होटल कारोबारी अनवर ढेबर के निर्देश पर एनवी डिस्टलीज से वाहन के जरिए करीब 8,400 पेटी अवैध शराब का परिवहन विभिन्न होटलों एवं बारों में किया गया था।
जांच में यह बात भी सामने आई कि इस दौरान निम्न कोटि की घटिया शराब को होटल और बार तक पहुंचाया गया था। इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल 24 वाहन जब्त किए जा चुके हैं।
मामले की दूसरी कड़ी में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) द्वारा शराब दुकानों के ऑडिट के लिए पांच सीए फर्म की नियुक्ति निविदा के जरिए की गई थी।
सीए फर्म द्वारा ऑडिट को संकलित करने के लिए नोडल ऑडिट एजेंसी पीएससी एंड एसोसिएट्स की नियुक्ति की गई थी।
जांच में सामने आया कि शराब सिंडिकेट से जुड़े आरोपियों द्वारा अधिकृत सीए फर्मों को शराब दुकानों का पारदर्शी ऑडिट करने से रोका जाता था, ताकि अवैध शराब की निर्बाध बिक्री जारी रखी जा सके।
इसी सिलसिले में पीएससी एंड एसोसिएट्स के भिलाई (मोतीलाल नेहरू नगर, ईस्ट) स्थित कार्यालय में ईओडब्ल्यू की टीम ने छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पीएससी एंड एसोसिएट्स के पार्टनर अजय सोमानी एवं प्रदीप पाल के कार्यालय से ऑडिट से संबंधित अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं।