

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh News: Chhattisgarh shines in water conservation; ‘Catch the Rain’ and ‘Jal Sanchay Janbhagidari’ models gain recognition on the national stage.
रायपुर। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों और राज्य की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में आयोजित जल सुरक्षा शिखर सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के ‘कैच द रेन’ और ‘जल संचय जनभागीदारी’ मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण मॉडल का राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में राज्य द्वारा जनभागीदारी के साथ किए जा रहे प्रयासों को देशभर में पहचान मिल रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि उनके तीन दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान वे जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित जल सुरक्षा शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण, जल संचय और जनभागीदारी के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की गई।
उन्होंने कहा कि राज्य में बारिश के पानी को सहेजने, भूजल स्तर को बढ़ाने और पारंपरिक एवं प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार काम किया जा रहा है।
सीएम साय ने बताया कि ‘कैच द रेन’ और ‘जल संचय जनभागीदारी’ अभियान में छत्तीसगढ़ ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। अभियान के पहले और दूसरे चरण में राज्य ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया था।
वहीं, अभियान के तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को प्रदेशवासियों की सहभागिता और सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वे नई दिल्ली में भाजपा शासित प्रदेशों के जल संसाधन मंत्रियों की कार्यशाला में भी शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यशाला के दौरान छत्तीसगढ़ में जल संचय और जल संरक्षण को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जल संरक्षण को केवल सरकारी अभियान के रूप में नहीं, बल्कि जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। जल संकट की चुनौती से निपटने के लिए समाज और आम लोगों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सहभागिता से जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के कार्य किए जा रहे हैं। बारिश के पानी को अधिक से अधिक संरक्षित करने, भूजल स्तर बढ़ाने और पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जल संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ इन अभियानों को प्रभावी तरीके से लागू कर रहा है और जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण के कार्यों को नई गति दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा आज देश के विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयास आने वाले समय में बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जल संरक्षण के क्षेत्र में मिली इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी सफलता बताया। उन्होंने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ जल संरक्षण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में भी जल सुरक्षा, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार काम करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से जल बचाने, बारिश के पानी को सहेजने और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की।