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Chief Minister Sai performed the Rudrabhishek of Baba Karmeshwar; prayed for the happiness, prosperity, and well-being of the people of the state.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बुधवार को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कर्रा पहुंचे, जहां उन्होंने श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल होकर बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कर्रा की पावन भूमि पर श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा का आयोजन सौभाग्य की बात है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज को नमन करते हुए आयोजन समिति और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपराओं की भूमि है। माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम के ननिहाल के रूप में प्रदेश की विशिष्ट पहचान है। गांव-गांव में मौजूद प्राचीन शिवालय, देवी मंदिर और लोक आस्था के केंद्र इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा संबंध है। श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में रामलला के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के तहत अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हांकित किया गया है और करीब 10 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। लंबे समय तक हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब शांति और विकास का वातावरण बन रहा है।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक परिवार तक पहुंचे।
ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की प्राचीन लोक आस्था का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां स्थित शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ था। जनश्रुतियों के अनुसार करीब नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल में शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी। तभी से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है।
मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य वर्तमान में श्री कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार समिति द्वारा कराया जा रहा है। बाबा कर्मेश्वर धाम से जुड़ी कई लोक मान्यताएं आज भी क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी अभियान के तहत पौधरोपण किया।
कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक गोमती साय, आईजी दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।