

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chief Secretary issues instructions to complete work within the deadline.
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में मिशन अमृत 2.0 की राज्य स्तरीय हाई पावर स्टेयरिंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के नगरीय निकायों में पेयजल, सीवरेज ट्रीटमेंट, जल निकायों के पुनरुद्धार और पार्क विकास से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
81 परियोजनाएं स्वीकृत, 45 के काम आवंटित
बैठक में मिशन अमृत 2.0 की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। मिशन के तहत अब तक कुल 81 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें से 64 परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 45 परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं।
वर्तमान में 19 परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं। वहीं, शेष 11 परियोजनाओं की डीपीआर को इस महीने के अंत तक स्वीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।
37 जल प्रदाय योजनाओं में से 36 के काम आवंटित
जल प्रदाय योजनाओं के तहत कुल 37 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से 36 परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं। बैठक में जगदलपुर, बस्तर की जल प्रदाय योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को प्रशासनिक स्वीकृति देने के संबंध में भी चर्चा की गई।
पांच बड़े शहरों में बन रहे 9 STP
प्रदेश के प्रमुख नगरीय निकायों अम्बिकापुर, राजनांदगांव, कोरबा, भिलाई और दुर्ग में कुल 333 एमएलडी क्षमता के 9 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं पर करीब 465.82 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरों में सीवेज के बेहतर प्रबंधन और जल स्रोतों के संरक्षण को मजबूत करना है।
चार शहरों में पार्क विकास के काम शुरू
शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से पिछले एक महीने में बिलासपुर, मुंगेली, कांकेर और अहिवारा में चार पार्क विकास परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए गए हैं।
GIS आधारित मास्टर प्लान की भी समीक्षा
बैठक में अमृत शहरों के लिए GIS आधारित मास्टर प्लान तैयार करने से संबंधित उप-योजना के तहत तैयार संशोधित स्टेट एक्शन प्लान के अनुमोदन की भी समीक्षा की गई। इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, वित्त, जल संसाधन, आवास एवं पर्यावरण और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी शामिल हुए। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक से जुड़े।