

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Claim of appointing a Congress leader as a minister in the SC Morcha without including him in the BJP list sparks a political uproar in Surguja.
अंबिकापुर। सरगुजा में भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक सूची को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम करजी निवासी कांग्रेस नेता रविशंकर नायक का दावा है कि भाजपा में शामिल हुए बिना ही उनका नाम दरिमा मंडल के अनुसूचित जाति मोर्चा की सूची में मंत्री पद के लिए शामिल कर दिया गया। सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने भाजपा नेताओं से शिकायत की, लेकिन सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता कर पूरे मामले को सामने रखा।
रविशंकर नायक के मुताबिक, उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला कि भाजपा के दरिमा मंडल अंतर्गत अनुसूचित जाति मोर्चा में उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। नियुक्ति की जानकारी देखकर वे हैरान रह गए, क्योंकि उनका कहना है कि उन्होंने भाजपा की सदस्यता नहीं ली है और न ही संगठन में पद स्वीकार करने के लिए सहमति दी थी।
नायक लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े होने का दावा करते हैं। वर्तमान में वे कांग्रेस समर्थित उपसरपंच हैं। इससे पहले वे ग्राम करजी के राजीव युवा मितान क्लब के कोषाध्यक्ष रह चुके हैं और लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र के करजी बूथ क्रमांक 169 में कांग्रेस के सक्रिय बूथ लेवल कार्यकर्ता बताए जाते हैं।
मंगलवार को कांग्रेस मीडिया सेल प्रभारी अनूप मेहता के साथ राजीव भवन में प्रेसवार्ता करते हुए रवि नायक ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं की अनुमति के बिना उनके नाम संगठन की सूचियों में शामिल करके ही भाजपा अपना संगठन मजबूत कर रही है?
नायक ने आरोप लगाया कि सरगुजा में जमीनी स्तर पर भाजपा के पास पर्याप्त कार्यकर्ता नहीं हैं, इसलिए संगठन की सूचियां तैयार करने के लिए दूसरे राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल किए जा रहे हैं।
मामले की जानकारी मिलने के बाद रविशंकर नायक ने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष महेंद्र रवि और दरिमा मंडल अध्यक्ष के समक्ष लिखित आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना है कि उन्होंने मई महीने में सरगुजा जिला भाजपा अध्यक्ष से भी मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की थी।
नायक के अनुसार, वे अपनी आपत्ति को प्रमाणित करने के लिए शपथ पत्र भी देना चाहते थे, लेकिन उनका शपथ पत्र लेने से इनकार कर दिया गया।
रविशंकर नायक का कहना है कि शिकायत के बाद भाजपा की ओर से सोशल मीडिया पर जारी की गई संबंधित सूची को हटा दिया गया। हालांकि, सूची में उनका नाम किस आधार पर शामिल किया गया था और उसमें सुधार क्यों किया गया, इसे लेकर पार्टी की ओर से सार्वजनिक तौर पर कोई स्पष्ट सूचना या खंडन जारी नहीं किया गया।
इसी बात को लेकर नायक ने भाजपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे गंभीर संगठनात्मक लापरवाही बताया।
वहीं, भाजपा जिला अध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने मामले पर अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि रविशंकर नायक जिला महामंत्री विनोद हर्ष की पैरवी से संगठन के संपर्क में आए थे और उन्होंने संगठन में पदाधिकारी बनने की इच्छा जताई थी।
भाजपा जिलाध्यक्ष के मुताबिक, नायक ने कार्यालय पहुंचकर बाकायदा जॉइनिंग भी ली थी। उन्होंने कहा कि यदि अब नायक संगठन में नहीं रहना चाहते हैं, तो वे स्वतंत्र हैं।
रविशंकर नायक के दावे और भाजपा जिलाध्यक्ष के बयान के बाद मामले में दोनों पक्षों की कहानी अलग-अलग सामने आ रही है। एक ओर नायक खुद को कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता बताते हुए भाजपा में शामिल होने से इनकार कर रहे हैं, वहीं भाजपा का कहना है कि उन्होंने संगठन में पद की इच्छा जताई थी और जॉइनिंग भी की थी।