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Smart PDS to transform the ration distribution system; 704 shops to go online, and grain ATMs to be installed across all districts.
रायपुर। प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और सुविधाजनक बनाने के लिए अगले दो वर्षों में कई बड़े कदम उठाए जाएंगे। राज्य में वर्ष 2026 तक स्मार्ट-PDS योजना लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत राशन कार्ड प्रबंधन से लेकर खाद्यान्न की सप्लाई और वितरण तक पूरी व्यवस्था को केंद्रीकृत ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेटवर्कविहीन क्षेत्रों में संचालित 704 उचित मूल्य दुकानों को ऑनलाइन करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में ग्रेन एटीएम स्थापित करने और खाद्यान्न भंडारण क्षमता बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
मंत्री बघेल ने बताया कि स्मार्ट-PDS केंद्र प्रवर्तित योजना है। इसके अंतर्गत राशन कार्ड प्रबंधन, सप्लाई चेन मैनेजमेंट और खाद्यान्न वितरण सहित PDS के सभी चरणों का केंद्रीकृत ऑनलाइन संचालन किया जाएगा। इससे खाद्यान्न की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की बेहतर निगरानी हो सकेगी।
दूरस्थ, ग्रामीण और नेटवर्कविहीन ग्राम पंचायतों में संचालित 704 उचित मूल्य दुकानों में फिलहाल नेटवर्क सुविधा के अभाव में ऑफलाइन खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। इन दुकानों का वितरण रिकॉर्ड बाद में कनेक्टिविटी वाले क्षेत्र में पहुंचने पर विभागीय सर्वर पर अपलोड किया जाता है।
अब दूरसंचार विभाग के समन्वय से इन क्षेत्रों की नेटवर्क समस्या दूर करने की योजना है। इसके बाद 704 दुकानों को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में ग्रेन एटीएम की व्यवस्था के बाद अब इसका विस्तार प्रदेश के अन्य जिलों में भी किया जाएगा। ग्रेन एटीएम के जरिए राशन कार्डधारी अपनी सुविधा के अनुसार मशीन से चावल का उठाव कर सकेंगे। इससे राशन वितरण प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।
प्रदेश में खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण के लिए नए गोदाम बनाने की योजना तैयार की गई है। मंत्री के अनुसार, राज्य भंडार गृह निगम द्वारा 2.71 लाख टन क्षमता के नए गोदाम बनाए जाएंगे। इससे प्रदेश में खाद्यान्न भंडारण की क्षमता बढ़ेगी और जरूरत के समय खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
खाद्यान्न व्यवस्था के साथ ही राज्य सरकार ने घरेलू ईंधन के क्षेत्र में भी विस्तार की योजना बनाई है। मंत्री दयाल दास बघेल ने बताया कि LPG के स्थान पर PNG के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अगले दो वर्षों में 12 जिलों में PNG गैस उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके लिए निर्धारित संस्थाओं के माध्यम से पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। वर्तमान में रायपुर और मनेंद्रगढ़ के कुछ घरों में PNG की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। इसके अलावा सात अन्य नगरों में भी PNG नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक प्रदेश के 42 लाख घरों को PNG सुविधा से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है। पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार से शहरी और अन्य संभावित क्षेत्रों में घरों तक PNG की पहुंच बढ़ाने की योजना है।