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Congress's big bet on E20 petrol... gearing up to raise the issue of rising costs, from vehicle fuel to kitchen expenses... Jairam Ramesh seeks alternatives.
नई दिल्ली। कांग्रेस अब पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनाल मिश्रण यानी E20 को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाने की तैयारी में है। पार्टी ने इस नीति से वाहनों के माइलेज, रखरखाव और खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ने वाले कथित असर को मुद्दा बनाते हुए इसकी तत्काल समीक्षा की मांग की है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने E20 नीति को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना है कि ऐसी ईंधन नीति स्वीकार्य नहीं हो सकती, जिसमें एक तरफ वाहन चलाना महंगा महसूस हो और दूसरी ओर आम लोगों की रसोई का खर्च भी बढ़े।उन्होंने दावा किया कि एथनाल उत्पादन के लिए गन्ने और अनाज का इस्तेमाल बढ़ने से खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ सकता है। कांग्रेस इसी तर्क को आधार बनाकर E20 नीति की व्यापक समीक्षा की मांग कर रही है।
कांग्रेस का आरोप है कि जिन पुराने वाहनों को 20 प्रतिशत एथनाल मिश्रण के अनुरूप तैयार नहीं किया गया है, उनमें माइलेज कम होने और कुछ हिस्सों पर अतिरिक्त असर पड़ने की आशंका है। पार्टी का कहना है कि वाहन मालिकों को कम माइलेज और बढ़ते रखरखाव खर्च का सामना करना पड़ सकता है।जयराम रमेश ने यह भी सवाल उठाया कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है और एथनाल मिश्रण से लागत में कमी का दावा किया जाता है, तो पेट्रोल की कीमतों में आम उपभोक्ता को उसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा।
कांग्रेस ने एथनाल उत्पादन और खाद्य महंगाई के बीच संबंध को भी प्रमुखता से उठाया है। जयराम रमेश ने दावा किया कि बड़ी मात्रा में गन्ने को एथनाल उत्पादन की ओर मोड़े जाने से चीनी के दाम बढ़े हैं। उन्होंने चीनी के साथ गुड़, चावल, मक्के के आटे और पशु आहार की कीमतों में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया।हालांकि, इन कीमतों में बदलाव के लिए केवल एथनाल नीति को जिम्मेदार ठहराने के दावों को अलग से तथ्यों और आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर परखा जाना जरूरी है।
कांग्रेस की प्रमुख मांग यह है कि उपभोक्ताओं को बिना एथनाल मिश्रण वाला पेट्रोल खरीदने का विकल्प भी दिया जाए। पार्टी का तर्क है कि जिन वाहन मालिकों को E20 के कारण माइलेज या वाहन अनुकूलता को लेकर चिंता है, उन्हें वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध होना चाहिए।
जयराम रमेश के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी E20 के जरिए होने वाले कथित भ्रष्टाचार, कम माइलेज, वाहन अनुकूलता, उपभोक्ताओं के सीमित विकल्प और पर्यावरण से जुड़े सवालों को उठा रहे हैं। कांग्रेस कार्यसमिति में भी इन मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही गई है।ऐसे में आने वाले दिनों में E20 पेट्रोल का मुद्दा संसद के साथ-साथ राजनीतिक मंचों पर भी कांग्रेस के लिए बड़ा अभियान बन सकता है।