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Congress's double standards regarding the Tara coal block exposed.
रायपुर। तारा कोल ब्लॉक को लेकर कांग्रेस के विरोध पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश पर इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि जिस तारा कोल ब्लॉक को लेकर आज कांग्रेस पर्यावरण संरक्षण की दुहाई दे रही है, उसी ब्लॉक को CMDC को दिलाने के लिए मुख्यमंत्री रहते हुए भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया था।
सौरभ सिंह ने कहा कि जून 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय कोयला मंत्री के समक्ष तारा कोल ब्लॉक को CMDC को आवंटित करने की मांग रखी थी। ऐसे में अब कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि तारा क्षेत्र में खनन पर्यावरण के लिए इतना विनाशकारी था, तो तत्कालीन मुख्यमंत्री ने खुद इस ब्लॉक को CMDC को दिलाने की मांग क्यों की थी।
जयराम रमेश पर भी भाजपा का निशाना
भाजपा नेता ने कहा कि हसदेव-अरण्य क्षेत्र में खनन का रास्ता तत्कालीन UPA सरकार के कार्यकाल में ही खोला गया था। भाजपा का आरोप है कि तारा और परसा ईस्ट एवं केते बासन (PEKB) परियोजनाओं के संबंध में Forest Advisory Committee (FAC) की अनुशंसा के बावजूद तत्कालीन केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री जयराम रमेश ने परियोजनाओं को वन स्वीकृति देने का फैसला किया था।
भाजपा के मुताबिक तारा कोल ब्लॉक को 23 जून 2011 को स्टेज-I वन स्वीकृति दी गई थी। सौरभ सिंह ने सवाल उठाया कि आज जयराम रमेश जिस तारा कोल ब्लॉक को लेकर सवाल उठा रहे हैं, उस समय कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लिए गए फैसलों का जवाब पहले कांग्रेस को देना चाहिए।
अभी खनन की अनुमति नहीं, वैधानिक प्रक्रियाएं बाकी
सौरभ सिंह ने कहा कि वर्तमान स्थिति को लेकर भी कांग्रेस गलत तस्वीर पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल तारा कोल ब्लॉक में खनन की अनुमति नहीं दी गई है। भारत सरकार की खुली, प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी commercial coal e-auction में CG Syn-Gas and Chemicals Limited सफल बोलीदाता रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक खनन शुरू होने से पहले वन स्वीकृति समेत सभी आवश्यक वैधानिक और पर्यावरणीय परीक्षण, अनुमतियां और निर्धारित शर्तों की पूर्ति अभी बाकी है। ऐसे में नीलामी होते ही जंगल कटने और खनन शुरू होने का माहौल बनाना गलत है।
10 लाख पेड़ काटने के दावे पर भाजपा का पलटवार
भाजपा ने कांग्रेस की ओर से तारा परियोजना में 10 लाख से अधिक पेड़ काटे जाने के दावे को भी खारिज किया है। सौरभ सिंह ने इसे “सफेद झूठ” बताते हुए कहा कि मोटे आकलन के अनुसार तारा परियोजना में इसके दसवें हिस्से के आसपास ही पेड़ काटे जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि संभावित कटाई भी एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग चरणों में होगी।
सौरभ सिंह ने कहा कि इस संभावित कटाई को प्रदेश में चल रहे बड़े पैमाने के वृक्षारोपण और बढ़ते हरित आवरण के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए।
भाजपा का दावा- बढ़ा है प्रदेश का वन एवं वृक्ष आवरण
सौरभ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में करीब 7 करोड़ पौधे लगाने का अभियान चलाया है। सरकार विकास के साथ पर्यावरण और हरियाली बढ़ाने पर भी काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के वन एवं वृक्ष आवरण में 683.62 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। India State of Forest Report-2023 का हवाला देते हुए भाजपा ने दावा किया कि यह वृद्धि देश में सर्वाधिक है। सौरभ सिंह ने कहा कि ऐसे में कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ के जंगल लगातार कम होने की तस्वीर पेश करना तथ्यों के विपरीत है।
भूपेश बघेल और जयराम रमेश से भाजपा के सवाल
सौरभ सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और जयराम रमेश से सवाल किया कि यदि तारा में खनन पर्यावरण विरोधी था, तो कांग्रेस शासनकाल में FAC की प्रतिकूल अनुशंसा के बावजूद वन स्वीकृति देने का फैसला क्यों लिया गया?
उन्होंने भूपेश बघेल से यह भी पूछा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से तारा कोल ब्लॉक को CMDC को आवंटित करने का आग्रह क्यों किया था।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस को आधे-अधूरे तथ्य पेश करने और भय का वातावरण बनाने के बजाय अपने शासनकाल में लिए गए फैसलों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग विकास, रोजगार और आर्थिक प्रगति के लिए पारदर्शी तरीके से करेगी, साथ ही जंगल, पर्यावरण और जनजातीय हितों की सुरक्षा के लिए सभी वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
भाजपा ने आरोप लगाया कि तारा कोल ब्लॉक के मुद्दे पर कांग्रेस का कथित दोहरा चरित्र और राजनीतिक अवसरवाद अब जनता के सामने उजागर हो चुका है।