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Congress staged a protest in Raipur against the arrest of Rahul Gandhi and Bhupesh Baghel; party workers sat on the road following a scuffle with the police.
रायपुर। दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार रात रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। लोकभवन की ओर कूच कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान करीब 10 मिनट तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। बाद में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर धरना देने लगे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय अपने समर्थकों के साथ लोकभवन पहुंचे और गेट के सामने धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को लोकभवन से करीब 200 मीटर पहले ही रोक दिया।
जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने की चेतावनी दी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
धरने में पूर्व विधायक अनीता शर्मा, पूर्व महापौर एजाज ढेबर, प्रमोद दुबे, पार्षद अर्जुमन ढेबर, सुबोध हरितवाल, अजीत कुकरेजा, आकाश तिवारी, पूर्व जिला अध्यक्ष पंकज शर्मा, डॉ. राकेश गुप्ता समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस ने घोषणा की है कि 22 जुलाई को सुबह 11 बजे छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसके विरोध में प्रदेशभर में आंदोलन जारी रहेगा।