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Congress stages massive protest near PM's residence; Rahul Gandhi says, Pradhan Shah and PM Modi must resign
नई दिल्ली। छात्रों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना शुरू कर दिया।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने "प्रधानमंत्री इस्तीफा दो" के नारे लगाए और छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया और संसद में भी इस मुद्दे पर विपक्ष को चर्चा का अवसर नहीं दिया जा रहा।
धरने से पहले राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस घटना की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर हमला देश के हर परिवार पर हमला है और सरकार जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने देशवासियों से प्रधानमंत्री आवास के बाहर चल रहे धरने में शामिल होकर छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने की अपील भी की।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष को संसद में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा नहीं करने दी जा रही है। उन्होंने कहा कि संसद उन्हीं युवाओं की है, जिन पर सरकार कथित रूप से लाठी चला रही है और आंसू गैस के गोले छोड़ रही है। उन्होंने छात्रों की बात सुनने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने की मांग की।
धरना स्थल पर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन राहुल गांधी से बातचीत करने पहुंचे। हालांकि बातचीत के बाद दोनों अधिकारी वापस लौट गए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि राहुल गांधी जरूरत पड़ने पर पूरी रात प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर डटे रहेंगे।
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में यह मुद्दा उठाया है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में इस पूरे घटनाक्रम पर बयान दें और छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार ने युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों की अनदेखी की है।
लोक कल्याण मार्ग पर विरोध प्रदर्शन कर रहे कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस पर कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि यदि सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है तो छात्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
वहीं कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन और मणिक्कम टैगोर ने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा संसद में उठाना चाहता था, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष की बात नहीं सुन रहे हैं, इसलिए सांसद अपनी बात सीधे प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचाने आए हैं।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी छात्रों के साथ हुई कथित हिंसा का जवाब मांगने प्रधानमंत्री आवास पहुंची है। पार्टी का आरोप है कि सरकार संसद में चर्चा से बच रही है और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों का जवाब देने से कतरा रही है। फिलहाल प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी है।