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Major political move in Telangana: CM Revanth Reddy drops Minister Konda Surekha from the cabinet; remarks about daughter cited as the reason.
हैदराबाद। तेलंगाना की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अपनी कैबिनेट सहयोगी और वन एवं बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से हटाने की सिफारिश की है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस संबंध में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से सिफारिश की गई है।
यह कार्रवाई कोंडा सुरेखा की बेटी की ओर से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक और आलोचनात्मक टिप्पणियों के बाद सामने आई है। इन टिप्पणियों को लेकर सत्ताधारी कांग्रेस के विधायकों और पदाधिकारियों में नाराजगी थी।
मंत्री पद से हटाए जाने के बाद कोंडा सुरेखा ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि टिप्पणी उनकी बेटी ने की थी, इसमें उनका क्या कसूर है। उनका कहना था कि बेटी के बयान के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
मामला बढ़ने के बाद कांग्रेस की राज्य इकाई की अनुशासन समिति ने पार्टी नेतृत्व से सुरेखा और तेलंगाना योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष जी. चिन्ना रेड्डी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की थी।
कैबिनेट से हटाए जाने से पहले कोंडा सुरेखा ने दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी मामलों की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन से मुलाकात की थी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रखते हुए मंत्रिपरिषद में बनाए रखने का आग्रह किया था।
सुरेखा ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि एक मंत्री के तौर पर उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है। उन्होंने अनुशासनात्मक समिति की ओर से जारी नोटिस पर भी आपत्ति जताई थी।
कोंडा सुरेखा ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि उन्हें मंत्रिपरिषद से हटाया गया तो सरकार को पिछड़े वर्गों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उनके खिलाफ कार्रवाई का फैसला किया।
उनकी बेटी की ओर से की गई टिप्पणियों के बाद यह विवाद लगातार राजनीतिक रूप से तूल पकड़ता गया और अंततः इसका असर सुरेखा के मंत्री पद पर पड़ा।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष जी. चिन्ना रेड्डी की नियुक्ति को भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। उनके स्थान पर गडवाल विजयलक्ष्मी को तेलंगाना योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
विजयलक्ष्मी ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) की मेयर रह चुकी हैं। वह पहले भारत राष्ट्र समिति (BRS) से जुड़ी थीं और वर्ष 2024 में कांग्रेस में शामिल हुई थीं।
यह पूरा घटनाक्रम मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ की कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ पिछले कुछ दिनों में हुई बातचीत के बाद सामने आया है।
पार्टी की अनुशासन समिति की सिफारिश और दिल्ली में वरिष्ठ नेतृत्व के साथ हुई बैठकों के बाद अब मुख्यमंत्री ने कोंडा सुरेखा को कैबिनेट से हटाने की सिफारिश कर दी है।
कोंडा सुरेखा को कैबिनेट से हटाए जाने के बाद तेलंगाना कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और पिछड़े वर्गों के बीच इसका राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है। सुरेखा स्वयं इस कार्रवाई को अपनी बेटी की टिप्पणी के लिए दी गई सजा के तौर पर देख रही हैं, जबकि पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासन से जोड़कर कार्रवाई की है।