

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Punjab Congress: Internal infighting escalates within the Punjab Congress; MLAs and former MLAs gather at Channi's residence, demanding a change in leadership from the high command.
रूपनगर। पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी हाईकमान द्वारा अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले के बाद असंतुष्ट नेताओं का एक गुट सक्रिय हो गया। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर हुई अहम बैठक ने प्रदेश कांग्रेस की सियासत में हलचल बढ़ा दी।
रूपनगर स्थित चन्नी के निवास पर करीब साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक में पांच विधायक, लगभग 24 पूर्व विधायक, कई विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रदेश नेतृत्व और आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मौजूद नेताओं ने सर्वसम्मति से चरणजीत सिंह चन्नी को आगे की रणनीति तय करने का अधिकार दिया। साथ ही कांग्रेस हाईकमान से मांग की गई कि यदि पंजाब में अगली सरकार बनानी है तो चन्नी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाए या उन्हें मुख्यमंत्री पद का आधिकारिक चेहरा घोषित किया जाए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि चरणजीत सिंह चन्नी एक प्रतिनिधिमंडल के साथ जल्द ही दिल्ली जाएंगे और कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात कर प्रदेश के राजनीतिक हालात तथा नेताओं की मांगों से अवगत कराएंगे।
इसी बीच कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात भी चर्चा का विषय बन गई। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने करीब दो महीने पहले गृह मंत्री को पत्र लिखकर पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में आतंकवाद और गैंगस्टर गतिविधियों का मुद्दा उठाया था। उसी पत्र के आधार पर उन्हें चर्चा के लिए बुलाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुलाकात का पार्टी की अंदरूनी राजनीति से कोई संबंध नहीं है।