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Major political upheaval in Maharashtra: Setback for Uddhav Thackeray; 6 MPs join Shinde faction.
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका देते हुए उसके छह लोकसभा सांसद आधिकारिक तौर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सांसदों का स्वागत करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि अब उनकी पार्टी और मजबूत हो गई है तथा 'ऑपरेशन टाइगर' पूरी तरह सफल रहा।
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में एकनाथ शिंदे ने कहा कि वर्ष 2022 में जब उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए अलग रास्ता चुना था, तब उनके साथ 40 विधायक थे। विधानसभा चुनाव के बाद उनकी संख्या बढ़कर 57 हो गई और अब छह सांसदों के जुड़ने से पार्टी को नई ताकत मिली है। उन्होंने कहा कि ये सभी सांसद अपने क्षेत्रों के विकास और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए उनकी पार्टी में आए हैं।
शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर शिंदे गुट में शामिल होने वाले सांसदों में शामिल हैं ओमराजे निंबालकर (धाराशिव) संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्वसंजय जाधव (परभणी) संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम)नागेश पाटिल अष्टिकर (हिंगोली) भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी)
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी एकनाथ शिंदे का इस्तेमाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की राजनीतिक स्थिति कमजोर करने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे राजनीतिक रणनीति काम कर रही है।
छह सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने पार्टी नेताओं से संगठन को और मजबूत करने, जनता के बीच सक्रिय रहने तथा विधानसभा के अंदर और बाहर अधिक आक्रामक भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे जल्द ही उन सभी संसदीय क्षेत्रों का दौरा करेंगे, जहां से सांसदों ने पार्टी छोड़ी है।
शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने दावा किया कि एक सातवें सांसद ने भी पार्टी में शामिल होने के लिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन कथित तौर पर कैबिनेट में पद की मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। हालांकि उन्होंने उस सांसद का नाम सार्वजनिक नहीं किया।
इसी बीच महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के चुनाव में भी महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया। इनमें छह सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। बाकी सीटों के नतीजों के बाद महायुति ने कुल 16 सीटों पर जीत दर्ज की। हालांकि नासिक सीट पर भाजपा के बागी उम्मीदवार गोकुल गीते ने निर्दलीय के रूप में जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया। दूसरी ओर, महाविकास आघाड़ी इस चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल सकी।