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Contaminated water crisis in three wards of Dhamtari; over 37 people hit by jaundice and typhoid, including critically ill children.
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी नगर निगम क्षेत्र के तीन वार्डों नया पारा, रिसाई पारा और रामसागर पारा में दूषित पानी के कारण पीलिया और टाइफाइड फैलने से हड़कंप मचा हुआ है। अब तक इन तीनों वार्डों में 37 से ज्यादा लोगों के संक्रमित होने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बीमारी फैलने से वार्डों में दहशत का माहौल है और लोग प्रशासन से तत्काल साफ-सफाई और दूषित पानी की समस्या दूर करने की मांग कर रहे हैं।
नया पारा वार्ड में अकेले 20 से ज्यादा लोग पीलिया और टाइफाइड की चपेट में बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई घरों में लोग उल्टी, दस्त और बुखार से परेशान हैं। वार्डवासियों का आरोप है कि इलाके में फैली गंदगी और लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्थाओं के कारण स्थिति बिगड़ी है।
वार्डवासियों का आरोप है कि नया पारा क्षेत्र में कई अवैध डेयरियां संचालित हो रही हैं। इन डेयरियों से निकलने वाला गोबर और गंदा पानी सीधे नालियों में बहाया जा रहा है। इससे नालियां जाम होने के साथ गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि पाइपलाइन में लीकेज के कारण दूषित पानी पीने के पानी में मिल रहा है, जिससे बीमारी फैल रही है।
दूषित पानी की समस्या सिर्फ नया पारा तक सीमित नहीं है। रिसाई पारा में करीब 10 और रामसागर पारा में 7 मरीज मिलने की जानकारी सामने आई है। तीनों वार्डों में बीमारी फैलने के बाद लोगों में भारी नाराजगी है। वार्डवासियों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों ने वार्ड में तत्काल व्यापक स्तर पर साफ-सफाई कराने और रिहायशी इलाकों में संचालित डेयरियों को बंद करने की मांग की है। हालात को लेकर वार्ड पार्षद ने भी उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। लोगों का कहना है कि बीमारी पर नियंत्रण के लिए सिर्फ मरीजों का इलाज पर्याप्त नहीं है, बल्कि दूषित पानी और गंदगी के मूल कारण को भी दूर करना जरूरी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम का जल विभाग सक्रिय हुआ है। पानी की पाइपलाइन में लीकेज की संभावित जगहों का पता लगाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर खुदाई कर जांच की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जब तक पानी की समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो जाती, तब तक पानी को उबालकर ही पीएं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी प्रभावित वार्डों में पहुंचकर घर-घर सर्वे कर रही है। संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है और बीमारी की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बीमारी के फैलाव को रोकने के साथ-साथ साफ पानी की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
तीनों वार्डों में पीलिया और टाइफाइड के मामले सामने आने के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दूषित पानी और गंदगी की समस्या का स्थायी समाधान जल्द नहीं किया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। अब सभी की नजर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर है।