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Controversy flares up again over a prayer meeting in Dhamtari... five hours of commotion and repeated highway blockades following allegations of religious conversion.
धमतरी। टिकरापारा वार्ड में रविवार को आयोजित प्रार्थना सभा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। हिंदू जागरण मंच से जुड़े लोगों ने सभा में गैर ईसाइयों के शामिल होने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। करीब पांच घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान मौके पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी रही। विरोध के कारण धमतरी-जगदलपुर मुख्य मार्ग पर कई बार यातायात प्रभावित हुआ।
रविवार सुबह करीब 10 बजे कुछ लोग प्रार्थना सभा के लिए एक मकान के पास पहुंचे। हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि सभा में गैर ईसाइयों को शामिल किया जा रहा है। विरोध बढ़ने पर पुलिस ने लोगों को मकान के भीतर जाने से रोक दिया।मौके पर मौजूद अलग अलग पक्षों के बीच कई बार तीखी बहस हुई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को नियंत्रण में रखा। विवाद दोपहर करीब तीन बजे तक चलता रहा।
हिंदू जागरण मंच के प्रांत युवा प्रमुख दीपक सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि 20 सितंबर को हुई शांति समिति की बैठक में जिन बातों पर सहमति बनी थी, उनका पालन नहीं किया गया। संगठन ने प्रार्थना सभा के आयोजकों की भूमिका की जांच की मांग भी उठाई।सर्व हिंदू समाज के अध्यक्ष महेश रोहरा ने आरोप लगाया कि सभा में कुछ हिंदुओं को बहला फुसलाकर लाया गया और उन्हें मतांतरित करने का प्रयास किया जा रहा था।
धमतरी जिला क्रिश्चियन फोरम के जनरल सेक्रेटरी डा. डायमंड फिलस ने इन आरोपों के संदर्भ में कहा कि चर्चों में नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें प्रार्थना सभा को ईसाइयों के लिए बताया गया है। उनका कहना है कि इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से सभा में शामिल होना चाहता है तो उसे रोकना उचित नहीं है।विवाद के बीच धर्म स्वातंत्र्य से जुड़े कानून के प्रावधानों के पालन की जांच और आयोजकों की भूमिका की पड़ताल की मांग भी सामने आई है।
विवाद के बीच धमतरी में आठ चर्चों के बाहर ऐसे बोर्ड लगाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिन पर प्रार्थना सभा में केवल ईसाइयों के प्रवेश की बात लिखी गई है। इस घटनाक्रम के बाद शहर में धार्मिक गतिविधियों को लेकर बहस और तेज हो गई है।
रायपुर के डूमरतराई स्थित साहू पारा में रविवार को एक परिवार में हुई हिंसक घटना ने लोगों को झकझोर दिया। पुलिस के अनुसार, 34 वर्षीय भुनेश्वर साहू ने अपनी पत्नी खिलेश्वरी साहू और दो बच्चों की चाकू से हमला कर हत्या कर दी। बच्चों की उम्र 10 और आठ वर्ष बताई गई है। घटना के बाद आरोपी ने खुद को भी चाकू मारकर घायल कर लिया, जिसके बाद उसे आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।पुलिस की शुरुआती जांच में पत्नी के चरित्र को लेकर संदेह को हत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। मामले की जांच जारी है।
पुलिस के मुताबिक घटना शनिवार रात करीब 1:30 बजे हुई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। पत्नी को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।एएसपी अभिषेक झा के अनुसार, शुरुआती जांच में चरित्र को लेकर संदेह घटना के पीछे की वजह सामने आ रही है। हालांकि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
बताया गया है कि भुनेश्वर और खिलेश्वरी ने करीब 12 वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। परिवार कुछ समय पहले ईसाई धर्म में मतांतरित हुआ था। घटना के बाद समाज के कुछ लोगों ने मृतका और बच्चों का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।इसके बाद पुलिस की सहायता से मोक्ष श्रद्धांजलि संस्था ने तीनों का अंतिम संस्कार कराया। यह संस्था लावारिस शवों के अंतिम संस्कार का काम करती है।
मनोरोग विशेषज्ञ डा. सुरभि दुबे के अनुसार, वैवाहिक रिश्ते में लगातार चरित्र को लेकर संदेह रहने से असुरक्षा, अविश्वास और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। यदि विवाद लगातार बढ़ता रहे और बातचीत की स्थिति कमजोर हो जाए तो परिवार के लोगों को समय रहते हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को परामर्श दिलाने की कोशिश करनी चाहिए।