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From paddy procurement policy to water management: Chief Secretary directs departmental secretaries to prepare time-bound action plans.
रायपुर। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य शासन के सभी विभागों के भारसाधक सचिवों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं, प्रशासनिक कार्यों और उनकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को तय समयसीमा में पूरा करने और विभागीय कार्यों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में आगामी धान खरीफ विपणन वर्ष को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।
मुख्य सचिव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल योजनाओं के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने तथा जल संसाधन विभाग को शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में जल प्रबंधन और जल उपचार को लेकर प्रभावी योजना बनाने के निर्देश दिए।
नगरीय विकास विभाग को सिटी वाटर प्लान को विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप तैयार करने को कहा गया। वहीं परिवहन विभाग को आगामी समय में ई-व्हीकल को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
खाद्य विभाग को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा ग्राम सभा के आयोजन के लिए निर्धारित 15 से 22 अक्टूबर की अवधि को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने जिलों में योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रभावी निगरानी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्कोर कार्ड को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए, ताकि कलेक्टर स्तर पर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जा सके।
उन्होंने कोर्ट मॉनिटरिंग सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाने तथा अक्टूबर माह के लिए पारस पोर्टल से संबंधित प्रस्तावों पर आईटी विभाग के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा।
बैठक में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और सुगम बनाने पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि शासन द्वारा बनाए गए सभी विधिक नियमों और निर्देशों की संदर्भ प्रतियां ई-गजट पर अपलोड की जाएं, ताकि अधिकारी और संबंधित विभाग भविष्य में इनका आसानी से उपयोग कर सकें।
पेंशन से जुड़े मामलों की विभागवार समीक्षा करते हुए विभागाध्यक्षों को लंबित प्रकरणों की संख्या, उनके निराकरण में लगने वाले समय और प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने एपीएआर को आईगॉट से लिंक करने और प्रत्येक विभाग के कर्मचारियों के क्षमता निर्माण के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने प्रशासनिक सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए विभागवार योजना बनाने पर जोर दिया।
बैठक में कर्मचारी चयन मंडल के लिए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की जानकारी 30 सितंबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम, रिफॉर्म उत्सव, 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं की तैयारियों और सेवा सेतु की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 38 विभागों की 907 सेवाएं सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। मुख्य सचिव ने फायर सेफ्टी अधिनियम में आवश्यक सुधार की दिशा में कार्रवाई करने तथा ‘माय भारत पोर्टल’ से जुड़ी गतिविधियों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से संबंधित जानकारी एकत्रित की जाएगी और इसके बाद भारत सरकार को भेजी जाएगी। इससे विभिन्न विभागों से प्राप्त सूचनाओं की समेकित रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जा सकेगी।
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को क्षमता निर्माण, विभागीय कार्यों की निगरानी और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।