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Crackdown on sellers of fake and substandard seeds; new law includes provisions for heavy fines and imprisonment.
नई दिल्ली। किसानों को नकली और घटिया गुणवत्ता वाले बीजों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार बीज कानून में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नए सीड एक्ट में अमानक बीजों की बिक्री करने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान रखा जा रहा है। दोष साबित होने पर भारी जुर्माने के साथ जेल की सजा भी हो सकती है।सरकार का उद्देश्य बीज बाजार में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। नए कानून का मसौदा अंतिम चरण में है और इसे लागू करने से पहले किसानों की राय भी ली जाएगी।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को प्रमुख किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में किसानों के अनुभव और सुझावों के आधार पर प्रस्तावित कानून में आवश्यक बदलाव किए जाने की संभावना है।किसान संगठनों से नकली बीज की बिक्री, फसल खराब होने पर नुकसान की भरपाई और बीज कंपनियों की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर सुझाव लिए जाएंगे। इसके अलावा किसानों के पारंपरिक और देशी बीजों से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा पर भी चर्चा होगी।
किसानों के लिए खराब गुणवत्ता वाले बीज केवल फसल की समस्या नहीं हैं। बीज खरीदने के साथ खाद, पानी, मजदूरी और सिंचाई पर भी खर्च होता है। यदि फसल खराब हो जाए तो किसान का पूरा निवेश जोखिम में पड़ जाता है।इसी वजह से सरकार ऐसे प्रावधान तैयार कर रही है, जिनसे बीज की गुणवत्ता को लेकर कंपनियों और विक्रेताओं की जिम्मेदारी तय हो सके। प्रभावी कानून बनने से बाजार में घटिया बीज की बिक्री पर अंकुश लगने और किसानों को बेहतर सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित कानून में किसानों के पारंपरिक और देशी बीजों से जुड़े अधिकारों को सुरक्षित रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत होने के साथ किसानों के पारंपरिक बीज संसाधनों और हितों की भी रक्षा हो सके।किसानों के साथ होने वाली बैठक के बाद मसौदे को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आगामी संसद सत्र से पहले कानून को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय होने की संभावना है।