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Raipur Crime: Cyber fraud by buying bank accounts in Raipur, two accused arrested including permanent warrant
रायपुर। रायपुर में लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक खातों का दुरुपयोग करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रायपुर पुलिस की सिविल लाइन थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त टीम ने स्थायी वारंटी सुनील यादव उर्फ सोनू (32) और उसकी सहयोगी पूजा सिंह (30) को पकड़कर बड़ी साइबर ठगी का खुलासा किया है।
खातों को खरीदकर पश्चिम बंगाल में बेचते थे
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के लोगों को झांसा देकर उनके बैंक खाते खरीदते थे और उन्हें आसनसोल में बेच देते थे। इन खातों का इस्तेमाल अवैध लेन-देन और साइबर ठगी के लिए किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 एटीएम कार्ड, 7 पासबुक, 8 सिम कार्ड और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
किराना दुकानदार को बनाया शिकार
मामले की शुरुआत तब हुई जब श्यामनगर इंदिरा चौक तेलीबांधा निवासी किराना दुकानदार पवन यादव ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि पूजा सिंह अक्सर उसकी दुकान पर सामान लेने आती थी, जिससे दोनों के बीच पहचान हो गई थी।
कंपनी का पैसा आने का झांसा
फरवरी 2026 में पूजा सिंह अपने साथी सुनील यादव के साथ दुकान पर पहुंची और कहा कि कंपनी का पैसा आने वाला है लेकिन ऑनलाइन बैंकिंग काम नहीं कर रही। इसी बहाने उसने पवन यादव से बैंक ऑफ महाराष्ट्र का खाता नंबर और एटीएम कार्ड ले लिया।
कुछ दिन बाद दोनों ने फिर उससे संपर्क किया और कहा कि खाते की लिमिट खत्म हो गई है तथा डेढ़ लाख रुपये फंस गए हैं। इसके बाद उन्होंने पवन यादव का दूसरा खाता लेकर उसमें 1.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसमें से 50 हजार रुपये एटीएम से निकाल लिए गए, जबकि 1 लाख रुपये इंडसइंड बैंक में जमा कर चेक के जरिए निकालकर सुनील यादव को दे दिए गए।
बैंक से फोन आने पर खुली ठगी
कुछ दिन बाद पवन यादव को बैंक ऑफ महाराष्ट्र से फोन आया कि उसके खाते में 1.5 लाख रुपये का होल्ड लगा दिया गया है, क्योंकि खाते से फ्रॉड से जुड़ा लेन-देन हुआ है। इसके बाद उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल
पुलिस के मुताबिक सुनील यादव उर्फ सोनू पहले भी मारपीट और लूट के मामलों में जेल जा चुका है। वह दुर्ग जिला के कुम्हारी थाने में दर्ज लूट के एक मामले में स्थायी वारंटी था और लंबे समय से फरार चल रहा था। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।