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Cyclone 'Murasu' poses a threat to coastal areas; winds to blow at speeds of 120 km/h.
नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' को लेकर दक्षिण भारत के कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात मंगलवार तड़के दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच दस्तक दे सकता है। इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों के साथ इनकी गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। तूफान के असर से कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
चक्रवात को देखते हुए आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा समेत कई राज्यों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत और बचाव कार्यों की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। वहीं, खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है।
आंध्र प्रदेश में 19 उड़ानें रद्द
चक्रवात के करीब पहुंचने के कारण आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और तिरुपति एयरपोर्ट से संचालित होने वाली 19 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इनमें विजयवाड़ा से इंडिगो की 10 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 2 उड़ानें शामिल हैं। विशाखापत्तनम में 4 और तिरुपति में 3 उड़ानें रद्द की गई हैं।
चेन्नई एयरपोर्ट प्रशासन ने भी कुछ उड़ानों को रद्द किया है। यात्रियों को अपनी फ्लाइट की ताजा स्थिति जानने के लिए संबंधित एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट, बिजली कंपनियों को निर्देश
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को सतर्क रहने और चक्रवात से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है।
राज्य के ऊर्जा विभाग ने बिजली कंपनियों को भी हाई अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों को बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने और आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
तमिलनाडु और कर्नाटक ने बढ़ाया मदद का हाथ
चक्रवात से निपटने के लिए तमिलनाडु ने आंध्र प्रदेश की मदद के लिए NDRF की 3 टीमें भेजी हैं। इनमें करीब 90 जवान शामिल हैं। इसके अलावा बिजली विभाग की 25 टीमें भी भेजी गई हैं, जिनमें 500 कर्मचारी और जरूरी उपकरण शामिल हैं।
कर्नाटक ने भी बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने और नुकसान के बाद आपूर्ति बहाल करने के लिए 500 कुशल बिजली कर्मचारियों के साथ जरूरी उपकरण भेजने की घोषणा की है।
चेन्नई में भारी बारिश, स्कूलों में छुट्टी
चक्रवात के प्रभाव से तमिलनाडु के कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर के कई हिस्सों में रविवार रात से लगातार बारिश हो रही है।
मौसम विभाग ने चेन्नई और तिरुवल्लूर में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी में भी भारी बारिश का अनुमान है। खराब मौसम की आशंका को देखते हुए सोमवार को चेन्नई के स्कूल बंद रखे गए।
IMD के मुताबिक, चक्रवात के पूरी तरह तट पार करने के बाद ही बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है।
ओडिशा में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
चक्रवात के खतरे को देखते हुए ओडिशा में भी प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के मुताबिक, जिला कलेक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है। NDRF, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स और फायर सर्विस की 300 से अधिक बचाव टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
कुछ दक्षिणी जिलों में 3 नवंबर तक स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। चक्रवात के कारण भूस्खलन में लापता हुए 10 लोगों की तलाश अभियान को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और संभावित नुकसान को कम करना है।