

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

D.Ed candidates, who have been awaiting appointment for 321 days, express their outrage.
रायपुर: छत्तीसगढ़ में 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे D.Ed अभ्यर्थियों ने गुरुवार सुबह शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के सरकारी बंगले में प्रदर्शन किया। सुबह करीब 5:30 से 6 बजे के बीच 422 अभ्यर्थी अपने माता-पिता और बच्चों के साथ मंत्री निवास पहुंचे और परिसर में दाखिल होकर धरने पर बैठ गए। अचानक इतनी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से बंगले में हलचल मच गई।अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले 321 दिनों से नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर आंदोलन कर रहे है, लेकिन अब तक नियुक्ति को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद राज्य सरकार नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा रही है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया, बसों से ले जाकर दर्ज की जानकारी
मंत्री निवास के मुख्य गेट से अभ्यर्थी आसानी से परिसर में पहुंच गए, लेकिन बंगले की मुख्य इमारत का दरवाजा बंद था। इसके बाद सभी दरवाजे के सामने बैठकर नारेबाजी करने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाकर परिसर खाली करने के लिए कहा, लेकिन अभ्यर्थी नियुक्ति की तारीख घोषित होने तक वहां से हटने को तैयार नहीं हुए।इसके बाद पुलिस ने उन्हें जबरन परिसर से बाहर निकाला। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झूमाझटकी हुई। सभी को बसों में बैठाकर रायपुर सेंट्रल जेल ले जाया गया। वहां नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।महिला अभ्यर्थियों ने पुलिस पर अभद्र व्यवहार करने और परिजनों को घसीटकर बसों में बैठाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन नियुक्ति की मांग कर रही महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।
मंत्री ने चार प्रतिनिधियों को बुलाया, सभी से एक साथ मिलने की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
धरना दे रहे अभ्यर्थियों को शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की ओर से बातचीत के लिए बुलाया गया था। मंत्री ने चार प्रतिनिधियों को अंदर आकर चर्चा करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी इस पर सहमत नहीं हुए। उनकी मांग थी कि मंत्री खुद बाहर आकर सभी अभ्यर्थियों से एक साथ बातचीत करें और नियुक्ति को लेकर स्पष्ट फैसला बताएं।इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनने के कारण न तो मंत्री बाहर आए और न ही अभ्यर्थी बातचीत के लिए अंदर गए। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक 2300 पदों पर नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अगली कैबिनेट बैठक में निर्णय नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने आगामी कैबिनेट बैठक में नियुक्ति को लेकर सकारात्मक फैसला लेने और उसकी समय-सीमा सार्वजनिक करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भावना के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया पूरी करना तथा महिला अभ्यर्थियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार की निष्पक्ष जांच शामिल है।प्रदर्शनकारी संजय कश्यप ने कहा कि नियुक्ति की तारीख घोषित होने तक वे अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं, मुरली चंद्रवंशी ने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी नई भर्ती या अतिरिक्त पदों की मांग नहीं कर रहे है, बल्कि पहले से घोषित 2300 पदों पर नियुक्ति चाहते है।
321 दिनों के आंदोलन में कई अनोखे तरीके अपना चुके है अभ्यर्थी
अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए D.Ed अभ्यर्थियों ने बीते 321 दिनों में कई तरह के प्रदर्शन किए है। इनमें मौन धरना, कैंडल मार्च, 'एक कप चाय न्याय के नाम', सांकेतिक भीख मांगना, दंडवत प्रणाम यात्रा और घुटनों के बल चलकर विरोध जताना शामिल है।इसके अलावा रामनवमी पर कलश यात्रा, 108 दीप प्रज्वलित करना, हनुमान चालीसा पाठ और कन्या पूजन जैसे धार्मिक आयोजन भी किए गए। अभ्यर्थियों ने जल सत्याग्रह, अंगारों पर चलने और हथकड़ी लगाकर सांकेतिक फांसी जैसे जोखिम भरे तरीके भी अपनाए। उन्होंने शिक्षा मंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक खून से पत्र लिखकर अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की।
आत्मदाह की चेतावनी से बढ़ी चिंता
लगातार आंदोलन, पुलिस कार्रवाई, जेल जाने और परिवारों की परेशानियों के बीच अभ्यर्थियों ने गहरी निराशा जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि आगामी कैबिनेट बैठक में नियुक्ति पर स्पष्ट फैसला नहीं हुआ तो वे परिवारों के साथ बड़ा आंदोलन करेंगे। समाधान नहीं निकलने की स्थिति में कुछ अभ्यर्थियों ने आत्मदाह जैसा कदम उठाने की चेतावनी भी दी है।अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर नियुक्ति प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय लेने की अपील की है।