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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधानसभा क्षेत्र के विधायक भूपेश बघेल की चुनावी मुश्किलों को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है। पाटन विधानसभा चुनाव में उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार, 5 नवंबर को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इस दौरान दुर्ग लोकसभा सांसद और याचिकाकर्ता विजय बघेल ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। इसके बाद भूपेश बघेल की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने करीब एक घंटे तक उनसे प्रतिपरीक्षण किया। हालांकि, सवाल-जवाब की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
हाई कोर्ट में विजय बघेल से हुए सवाल-जवाब
जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में हुई सुनवाई के दौरान विजय बघेल ने चुनाव याचिका से जुड़े तथ्यों पर अपना पक्ष रखा। इसके बाद भूपेश बघेल के अधिवक्ताओं ने उनसे कई सवाल किए। अदालत ने प्रतिपरीक्षण की प्रक्रिया अगली सुनवाई तक जारी रखने का निर्देश दिया है।
क्या है भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका?
दरअसल, दुर्ग सांसद विजय बघेल ने वर्ष 2024 में पाटन विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदान से पहले प्रचार बंद होने की निर्धारित अवधि के दौरान भूपेश बघेल ने समर्थकों के साथ पाटन क्षेत्र में रैली और रोड शो किया था। इस दौरान चुनावी नारे लगाने और मतदाताओं से वोट मांगने का भी आरोप लगाया गया है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 के उल्लंघन का आरोप
याचिकाकर्ता विजय बघेल ने कथित गतिविधियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का उल्लंघन बताया है। उन्होंने भूपेश बघेल का निर्वाचन निरस्त करने की मांग की है। इस संबंध में कथित रैली और रोड शो का वीडियो भी अदालत में साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया है।
हालांकि, याचिका में लगाए गए आरोपों पर अभी न्यायालय में सुनवाई और साक्ष्यों की जांच जारी है। इन आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।
17 नवंबर को फिर होगी सुनवाई
हाई कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। अगली सुनवाई में विजय बघेल का प्रतिपरीक्षण जारी रहेगा। अब इस मामले में अदालत की आगामी कार्यवाही पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर बनी हुई है।