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Delhi Police may once again issue questioning notices to Sourav Das and Ashutosh Ranka; protests are being held across the country today against the SIR.
नई दिल्ली। दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच दोनों नेताओं को पूछताछ के लिए दोबारा नोटिस भेज सकती है। इससे पहले पुलिस ने उन्हें गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन दोनों नेता पेश नहीं हुए और उन्होंने पुलिस से अतिरिक्त समय मांगा है। इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट आज AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर भी फैसला सुनाएगा। वहीं, पीपल अगेंस्ट SIR गठबंधन देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करेगा।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए फिर से नोटिस जारी कर सकती है। पुलिस ने इससे पहले दोनों नेताओं को गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे निर्धारित समय पर नहीं पहुंचे। दोनों ने पुलिस से पेश होने के लिए और समय मांगा है।
बुधवार को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट से दोनों नेताओं को जमानत मिल गई थी। अदालत ने उन्हें 50-50 हजार रुपये के बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया था।
दिल्ली सरकार ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। इसके बावजूद 13 अक्टूबर को आशुतोष रांका और सौरव दास तिरंगा लेकर जंतर-मंतर पहुंच गए थे। पुलिस ने शांति व्यवस्था से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप में दोनों को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें पांच दिनों के लिए जेल भेज दिया गया था।
19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन के लिए और बढ़ा दी गई थी। मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा था कि नेताओं को पहले मजिस्ट्रेट के फैसले का इंतजार करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर वे ऊपरी अदालत का रुख कर सकते हैं।
दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। दोनों नेताओं के कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर पहुंचने के बाद 13 अक्टूबर को दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे।
कनॉट प्लेस से जुड़े मामले की जांच 20 अक्टूबर को ही क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी। अब जंतर-मंतर पर बिना अनुमति पहुंचने से संबंधित मामले की जांच भी क्राइम ब्रांच करेगी। पुलिस दोनों मामलों में घटनाक्रम और आरोपों की जांच कर रही है।
दिल्ली हाईकोर्ट आज AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर फैसला सुनाएगा। नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस के उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का निजी मुचलका भरने और एक जमानतदार पेश करने को कहा गया था।
उनकी याचिका पर अदालत का फैसला इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, फैसले का विस्तृत विवरण सामने आने के बाद ही अदालत के रुख की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
पीपल अगेंस्ट SIR गठबंधन आज देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision- SIR) के विरोध में प्रदर्शन करेगा। गठबंधन की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा भी शामिल है।
प्रदर्शन में अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर, अभिनेता प्रकाश राज और अभिजीत दीपके समेत कई लोगों के शामिल होने की बात कही गई है। आयोजकों ने लोगों से अपने-अपने क्षेत्रों में मार्च निकालने और विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की है।
पीपल अगेंस्ट SIR गठबंधन का गठन पिछले सप्ताह किया गया था। इसके बाद दिल्ली में आयोजित एक आपात बैठक में 200 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। इस मंच का उद्देश्य SIR के विरोध में अलग-अलग समूहों और संगठनों को एकजुट करना है।
गठबंधन में नागरिक समूहों के साथ किसान यूनियनों, मजदूर संगठनों और महिला एवं युवा संगठनों को भी शामिल किया गया है। आयोजकों का कहना है कि देशभर में होने वाले प्रदर्शनों के माध्यम से SIR के मुद्दे और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को उठाया जाएगा।
इस तरह दिल्ली में सौरव दास और आशुतोष रांका से जुड़ी पुलिस जांच, नेहा बोरा की याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला और SIR के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आज की प्रमुख घटनाओं में शामिल हैं।