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Dharmendra Pradhan should not have resigned; he should withdraw his decision: Education Minister Gajendra Yadav in Durg.
दुर्ग। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बड़ा बयान दिया है। शनिवार को दुर्ग में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत मत है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में हजारों कर्मचारी काम करते हैं और यदि कहीं कोई चूक या पेपर लीक जैसी घटना होती है तो उसका पूरा दोष अकेले मंत्री पर डालना उचित नहीं है।
गजेंद्र यादव ने कहा कि कोई भी मंत्री यह नहीं चाहता कि उसके विभाग में कोई गड़बड़ी हो। सिस्टम बहुत बड़ा होता है और कहीं भी कोई लीक पॉइंट हो सकता है। ऐसे में किसी एक व्यक्ति की गलती की सजा पूरे विभाग या मंत्री को देना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा में पेपर लीक के मामले को गंभीरता से लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने इस पूरे मामले की फास्ट ट्रैक जांच कराने का फैसला किया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। जब जांच के लिए समिति गठित हो चुकी है और मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने की बात कही गई है, तब धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं थी।
गजेंद्र यादव ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से धर्मेंद्र प्रधान से अपना इस्तीफा वापस लेने का आग्रह करते हैं। उनके अनुसार, देशहित में उनका शिक्षा मंत्रालय में बने रहना अधिक महत्वपूर्ण है।
नई शिक्षा नीति की जमकर सराहना
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के करीब 70 साल बाद शिक्षा व्यवस्था में सबसे बड़ा और व्यापक बदलाव धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में हुआ है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक देश मैकाले की शिक्षा पद्धति पर चलता रहा, लेकिन नई शिक्षा नीति ने शिक्षा को पूरी तरह नई दिशा दी है।
गजेंद्र यादव ने कहा कि नई नीति में केवल अक्षर ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक प्रशिक्षण, मातृभाषा, स्थानीय भाषा, योग, खेलकूद और कौशल विकास जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी गई है। इससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव हो रहा है।
उन्होंने दावा किया कि शिक्षा मंत्री होने के नाते वह खुद इस बदलाव को देख रहे हैं और उनके अनुसार धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में शिक्षा विभाग में जितनी प्रगति हुई है, उतना काम पहले कभी नहीं हुआ।
देशहित में वापस लें इस्तीफा
अपने बयान के अंत में गजेंद्र यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल शिक्षा सुधारों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा है। इसलिए वह उनसे आग्रह करते हैं कि देशहित को देखते हुए अपने इस्तीफे पर पुनर्विचार करें और उसे वापस लें।