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Digital justice system and new criminal laws to transform the face of justice; Chief Minister terms it a historic reform.
रायपुर। रायपुर में आयोजित डिजिटल न्याय व्यवस्था विषयक कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में लागू नए आपराधिक कानून न्याय प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि पीड़ितों को समयबद्ध और न्यायसंगत राहत उपलब्ध कराना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। ई-साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, ऑनलाइन प्रक्रियाएं और आधुनिक जांच प्रणाली से न्यायिक कार्यवाही पहले की तुलना में अधिक तेज और भरोसेमंद बनेगी। इससे मामलों के निपटारे में अनावश्यक देरी कम होगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून न्याय व्यवस्था को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप बना रहे हैं। इन प्रावधानों के जरिए अपराधों की जांच, साक्ष्य संग्रह और सुनवाई की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी होगी।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सभी विभागों और संस्थाओं के समन्वित प्रयास से छत्तीसगढ़ नए आपराधिक कानूनों और डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल माध्यमों के विस्तार से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। जांच एजेंसियों, अभियोजन और न्यायालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में न्यायपालिका, विधि विभाग और प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने नए कानूनों के व्यावहारिक पक्ष, डिजिटल प्रक्रियाओं और प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था का सफल संचालन सभी संबंधित संस्थाओं के सामूहिक प्रयास से ही संभव होगा।