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War of words intensifies in Chhattisgarh politics; leaders' statements raise the political temperature.
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में जनता और जनप्रतिनिधियों की बात को पर्याप्त महत्व नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि फैसलों पर नौकरशाही का प्रभाव बढ़ता जा रहा है और आम लोगों की समस्याओं के समाधान में अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शिवरतन शर्मा ने भूपेश बघेल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले उन राज्यों की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, जहां उसकी सरकार या संगठन की जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस जिन राज्यों में नेतृत्व की जिम्मेदारी दे रही है, वहां पार्टी को लगातार राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में मारे गए छत्तीसगढ़ के मजदूरों के मामले को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके गृह जिलों तक पहुंचाने में अधिक संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए थी।
दीपक बैज ने पीड़ित परिवारों को बेहतर आर्थिक सहायता देने की मांग करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की।
विभिन्न नेताओं के लगातार आ रहे बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक-दूसरे पर हमलावर हैं, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और अधिक तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।