

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Discussion on women's reservation in special session of Parliament, PM Modi said- 'This will decide the direction and condition of the country'
नई दिल्ली। संसद का विशेष सत्र गुरुवार से शुरू हो गया, जिसमें महिला आरक्षण और परिसीमन समेत तीन अहम संशोधन विधेयकों पर लोकसभा में चर्चा जारी है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि देश एक नए युग की ओर बढ़ रहा है और यह फैसला आने वाले समय में भारतीय राजनीति की दिशा बदल देगा।
‘इतिहास रचने का अवसर’- पीएम मोदी
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़ा यह कदम केवल एक कानून नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में आधी आबादी को बराबरी से शामिल करने का प्रयास है। उन्होंने विपक्ष को भी संदेश देते हुए कहा कि इस विषय को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए और सभी दलों को मिलकर इसे आगे बढ़ाना चाहिए।
विरोध करने वालों को चेतावनी
पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो भी इस कानून का विरोध करेगा, उसे राजनीतिक रूप से नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बीते दशकों में इस मुद्दे को टालते रहे दलों को जनता ने जवाब दिया है और अब समय है कि सभी दल मिलकर इसे पारित करें।
‘क्रेडिट चाहिए तो ले लो’- प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि यदि किसी को इस कानून का श्रेय लेना है तो वे तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को क्रेडिट की चिंता नहीं है, बल्कि देश की महिलाओं को उनका अधिकार मिलना अधिक महत्वपूर्ण है।
‘यह हक है, कोई उपकार नहीं’
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण किसी तरह की कृपा नहीं, बल्कि महिलाओं का अधिकार है। उन्होंने कहा कि दशकों से महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया से दूर रखा गया और अब यह अवसर उस ऐतिहासिक गलती को सुधारने का है।
विकसित भारत में महिला भागीदारी जरूरी
प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत’ की परिभाषा देते हुए कहा कि यह केवल इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नीति निर्माण में महिलाओं की समान भागीदारी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि देश की लाखों महिलाएं जमीनी स्तर पर नेतृत्व कर रही हैं और अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी अवसर मिलना चाहिए।