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Latest News: Naxal influence has ended in the country, now no district is affected by left wing violence - Central Government
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पहली बार आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि देश में अब कोई भी जिला वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) से प्रभावित नहीं रहा। गृह मंत्रालय भारत ने राज्य सरकारों को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है।
31 मार्च के बाद बदली स्थिति
गृह मंत्रालय ने 8 अप्रैल को नौ राज्यों को भेजे पत्र में कहा कि 31 मार्च 2026 के बाद देश का कोई भी जिला माओवादी उग्रवाद प्रभावित श्रेणी में नहीं आता। यह फैसला 2015 में बनी ‘राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना’ के तहत की गई उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया है।
संसद में भी दी गई जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30 मार्च को संसद में बताया था कि भारत अब माओवाद से मुक्त हो चुका है। सरकार ने नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च की समयसीमा तय की थी, जिसे अब हासिल कर लिया गया है।
सुरक्षा समीक्षा में क्या देखा गया
उच्च स्तरीय बैठक में सशस्त्र नक्सली कैडरों की स्थिति, उनकी हिंसक क्षमता, तथाकथित ‘मुक्त क्षेत्रों’ की मौजूदगी और हालिया घटनाओं का विस्तृत आकलन किया गया। समीक्षा में पाया गया कि अब नक्सलियों की सक्रियता नगण्य रह गई है।
जिलों का वर्गीकरण समाप्त
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नक्सल प्रभावित जिलों का वर्गीकरण अब समाप्त कर दिया गया है। यानी देश में अब कोई भी जिला आधिकारिक रूप से वामपंथी हिंसा से प्रभावित नहीं माना जाएगा।
सरकार की बड़ी उपलब्धि
सरकार इस उपलब्धि को आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता मान रही है। पिछले पांच दशकों से अधिक समय से देश के कई हिस्से नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे थे, लेकिन अब हालात में व्यापक सुधार दर्ज किया गया है।